इंदौर के बायपास पर 3 करोड़ की अवैध शराब जब्त: DGGI और आबकारी विभाग की रेड, 'श्री गोल्ड कॉइन' ब्रांड की 3,000 पेटी शराब से भरे दो ट्रक पकड़े
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DGGI और मध्य प्रदेश आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध शराब से भरे दो ट्रक पकड़े।
इंदौर। आर्थिक राजधानी इंदौर में अवैध शराब और टैक्स चोरी के बड़े सिंडिकेट पर जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (DGGI) और मध्य प्रदेश आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात बड़ी स्ट्राइक की है। टीम ने बायपास स्थित पत्थर मुंडला क्षेत्र में घेराबंदी कर दो ट्रकों को पकड़ा, जिनमें से 'श्री गोल्ड कॉइन' ब्रांड की करीब 3,000 पेटी अवैध शराब बरामद की गई। जब्त की गई शराब की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3 करोड़ रुपए आंकी गई है। अवैध शराब की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने से शराब माफिया और टैक्स चोरी करने वाले नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
7 दिनों से हो रही थी रेकी, बायपास पर दबिश देकर दबोचे ट्रक
विभागीय सूत्रों के अनुसार, संयुक्त टीम को पुख्ता खुफिया इनपुट मिला था कि इंदौर के रास्ते अवैध शराब का एक बड़ा कंसाइनमेंट गुजरात या अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर खपाने या टैक्स चोरी कर स्थानीय बाजार में उतारने की तैयारी है। इस सूचना के बाद DGGI और आबकारी की विशेष टीमें पिछले सात दिनों से संदिग्ध वाहनों और उनके मूवमेंट पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रही थीं। मंगलवार रात जैसे ही दोनों ट्रकों ने बायपास से पत्थर मुंडला इलाके की ओर रुख किया, पहले से मुस्तैद टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उन्हें रोक लिया।
तिरपाल हटाते ही उड़े होश, 'श्री गोल्ड कॉइन' की पेटियों से ठसाठस भरे थे ट्रक
शुरुआती जांच में ड्राइवरों ने वाहनों में सामान्य माल होने का झांसा देने की कोशिश की, लेकिन जब अधिकारियों ने ट्रकों पर बंधी तिरपाल हटवाकर सघन तलाशी ली, तो अंदर भारी मात्रा में शराब की पेटियां भरी मिलीं। दोनों ट्रकों से 'श्री गोल्ड कॉइन' ब्रांड की कुल 3,000 से अधिक पेटियां बरामद हुईं। चालक शराब परिवहन से संबंधित वैध परमिट, ई-वे बिल या कोई भी आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद टीम ने शराब सहित दोनों ट्रकों को विधिवत जब्त कर लिया।

सिंडिकेट के नेटवर्क और टैक्स चोरी की पड़ताल में जुटी DGGI
DGGI की टीम इस मामले में बड़े पैमाने पर जीएसटी और एक्साइज ड्यूटी चोरी के वित्तीय पहलू की जांच कर रही है। वहीं, आबकारी विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि:
- यह शराब किस डिस्टिलरी/फैक्ट्री से लोड करवाई गई थी?
- क्या यह केवल बिना टैक्स चुकाए बेची जा रही थी या इसके पीछे किसी अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह का हाथ है?
- इंदौर बायपास पर इस खेप को किसे रिसीव करना था?
सहायक आबकारी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल के मुताबिक, पकड़े गए चालकों और संबंधित ट्रांसपोर्टरों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। इस मामले में आबकारी अधिनियम और संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

