भोपाल के कोलार में गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग का भंडाफोड़: 98 सिलेंडर और मिनी ट्रक जब्त, 3 आरोपी गिरफ्तार; खाद्य और नापतौल विभाग की संयुक्त कार्रवाई
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भोपाल के कोलार में अब्बास नगर में अवैध गैस रिफिलिंग पर छापा, 98 घरेलू गैस सिलेंडर और मिनी ट्रक जब्त, 3 आरोपी गिरफ्तार।
भोपाल। कोलार क्षेत्र स्थित अब्बास नगर में घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध रिफिलिंग का मामला सामने आया है। पुलिस, खाद्य और नापतौल विभाग की संयुक्त टीम ने एक खाली प्लॉट पर छापामार कार्रवाई करते हुए 98 घरेलू गैस सिलेंडर और एक मिनी ट्रक जब्त किया है। मौके पर भरे सिलेंडरों से खाली सिलेंडरों में पाइप के जरिए गैस भरी जा रही थी। जांच के दौरान सात भरे सिलेंडरों का वजन करने पर उनमें निर्धारित मात्रा से करीब दो से ढाई किलोग्राम तक गैस कम मिली। कार्रवाई के बाद गैस वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी और उपभोक्ताओं को कम वजन के सिलेंडर दिए जाने की आशंका भी सामने आई है।
अधिकारियों ने संबंधित एजेंसी के कर्मचारी की भूमिका और उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए सिलेंडरों की जानकारी की जांच शुरू कर दी है। मामले में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और वितरण से जुड़े नियमों के उल्लंघन का प्रकरण तैयार किया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा जा रहा है।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस, मौके से तीन लोग पकड़े
कोलार थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर शिवेंद्र पाठक के मुताबिक, पुलिस टीम इलाके में भ्रमण और अपराधों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अब्बास नगर में एक मिनी ट्रक में घरेलू गैस सिलेंडर रखे हैं और कुछ लोग भरे सिलेंडरों से खाली सिलेंडरों में अवैध रूप से गैस भर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां एक खाली प्लॉट में मिनी ट्रक के पास कुछ लोग पाइप के जरिए गैस का स्थानांतरण करते दिखाई दिए।
पुलिस को देखकर उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर तीन लोगों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान संतोष खापरे, जय पवार और सत्यम केवट के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके की स्थिति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और खाद्य विभाग की टीम को भी बुलाया। इसके बाद खाद्य एवं नापतौल विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में सिलेंडरों की जांच और जब्ती की कार्रवाई की गई।
55 भरे और 41 खाली सिलेंडर मिले
संयुक्त टीम की जांच में मौके से कुल 98 घरेलू गैस सिलेंडर मिले। इनमें 55 सिलेंडर भरे हुए और 41 खाली थे। सात भरे सिलेंडरों का वजन जांचने पर गैस की मात्रा निर्धारित वजन से कम पाई गई।कार्रवाई के दौरान गैस सिलेंडरों के अलावा मिनी ट्रक, गैस स्थानांतरित करने में इस्तेमाल किया जा रहा पाइप, वजन करने की मशीन और सिलेंडरों पर लगने वाली सील कैप भी जब्त की गई। सिलेंडरों को सुरक्षित रखने के लिए आरके डिस्ट्रीब्यूटर गैस एजेंसी के सुपुर्द किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, खुले स्थान पर इस तरह गैस का स्थानांतरण करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। गैस अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण जरा-सी लापरवाही से आग लगने या विस्फोट जैसी घटना हो सकती है। रिहायशी इलाके में इस तरह की गतिविधि से आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती थी।
गैस एजेंसी के कर्मचारी की भूमिका जांच के घेरे में
प्रारंभिक पूछताछ में संतोष खापरे ने बताया कि वह गैस सिलेंडर एजेंसी के गोदाम से लाता था और मिनी ट्रक किराये पर लिया गया था। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दानिश कुंज स्थित इंडेन गैस एजेंसी और सेमरी कला के गोदाम का भी जिक्र सामने आया है। एजेंसी से जुड़े लोगों की भूमिका और सिलेंडरों की आपूर्ति के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों को आशंका है कि भरे सिलेंडरों से गैस निकालकर दूसरे सिलेंडरों में भरने के कारण उपभोक्ताओं को कम वजन के सिलेंडर मिलने की स्थिति बन सकती थी। हालांकि, संबंधित एजेंसी या अन्य जिम्मेदार लोगों की संलिप्तता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जिला आपूर्ति अधिकारी चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि मौके से 98 सिलेंडर और मिनी ट्रक जब्त किया गया है। सात भरे सिलेंडरों में गैस की मात्रा कम मिलने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर को भेजा जाएगा प्रतिवेदन, आगे की कार्रवाई की तैयारी
खाद्य विभाग की टीम ने मामले में द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला बनाया है। अधिकारियों के अनुसार, कलेक्टर को प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभाग की ओर से पुलिस को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
पुलिस ने मिनी ट्रक को थाने में सुरक्षित अभिरक्षा में खड़ा कराया है। वाहन की चाबी मालखाने के प्रभारी को सौंप दी गई है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि गैस रिफिलिंग का यह काम कब से चल रहा था, सिलेंडर कहां से लाए जा रहे थे और क्या इस गतिविधि के जरिए उपभोक्ताओं को कम गैस वाले सिलेंडर सप्लाई किए जा रहे थे।

