इंदौर में मिनटों में चोरी की गाड़ियों को डिस्मेंटल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश: डिस्मेंटल करने का कोई RTO लाइसेंस भी नहीं, दो गिरफ्तार, कांग्रेस पार्षद भी जांच के घेरे में
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पुलिस की गिरफ्त में गिरफ्तार दोनों आरोपी।
इंदौर। चोरी के दोपहिया वाहनों को चंद मिनटों में ठिकाने लगाने वाले एक बड़े नेटवर्क का इंदौर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच ने कांग्रेस पार्षद के परिवार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चोरी की गाड़ियों की कटिंग कर उनके पार्ट्स बेचने और कथित तौर पर फर्जी डिस्मेंटल सर्टिफिकेट जारी करने के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को अंसाफ अंसारी और उसके परिजनों से जुड़ी तीन दुकानों पर कार्रवाई की थी।
संदिग्ध गाड़ियों की कटिंग की शिकायत
डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार को अंसाफ अंसारी और उनसे जुड़े तीन संस्थानों पर को जांच की थी। जहां कई संदिग्ध गाड़ियों की कटिंग किए जाने की शिकायत की गई थी। पुलिस ने मौके से कुछ लोगों को हिरासत में लिया था, जिनसे पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले 6-7 सालों से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे।
दोपहिया वाहन को 10 मिनट में काटकर करते डिस्मेंटल
गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। चोरी की दोपहिया गाड़ियों को महज 10 से 15 मिनट में काटकर अलग-अलग पार्ट्स कर दिए जाते थे, जिससे वाहन की पहचान मुश्किल हो जाए। पुलिस के मुताबिक, रोजाना करीब 4 से 5 वाहन इस तरह डिस्मेंटल किए जाते थे।
3 दुकानों पर छापेमारी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 12 इंजन बरामद किए हैं। इनमें से करीब 5-6 इंजनों का मिलान चोरी की दर्ज एफआईआर से किया जा चुका है। आरोपियों के पास वाहनों को डिस्मेंटल करने का कोई RTO लाइसेंस या रिकॉर्ड रखने वाला रजिस्टर भी नहीं मिला। पुलिस ने इंजन और चैसिस नंबर मिटाने के लिए इस्तेमाल होने वाली विशेष मशीन भी जब्त की है।
परिवार में 5 भाई, सभी अलग-अलग काम में मशरूफ
डीसीपी त्रिपाठी ने बताया कि परिवार के पांच भाई अलग-अलग ऑटो पार्ट्स, टायर री-मोल्डिंग और लेथ मशीन के कारोबार से जुड़े हैं। मामले में अल्ताफ अंसारी, अरशद अंसारी को गिरफ्तार करने के साथ ही पूर्व पार्षद और वर्तमान पार्षद के पति की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब चोरी की गाड़ियां उपलब्ध कराने वालों से लेकर पार्ट्स खरीदने वालों तक पूरी सप्लाई चेन और नेटवर्क को खंगाल रही है।
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राजेश त्रिपाठी, डीसीपी क्राइम ब्रांच, इंदौर

