इंदौर लव जिहाद फंडिंग केस में पूर्व पार्षद बड़ी मुश्किलें: अनवर कादरी को लेकर जम्मू-कश्मीर पहुंची पुलिस, कठुआ से बने शस्त्र लाइसेंस की जांच तेज
Published:
2 min read

पूर्व पार्षद अनवर कादरी, फाइल फोटो।
इंदौर। कांग्रेस के पूर्व पार्षद अनवर कादरी से जुड़े शस्त्र लाइसेंस मामले की जांच अब जम्मू-कश्मीर तक पहुंच गई है। सदर बाजार पुलिस की टीम अनवर कादरी को लेकर जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले पहुंची है। यहां पुलिस कथित तौर पर उसके नाम से जारी शस्त्र लाइसेंस से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का फोकस इस बात पर है कि शस्त्र लाइसेंस किस प्रक्रिया के तहत जारी किया गया था और इसे बनवाने में किन लोगों की भूमिका रही।
कठुआ में लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच
पुलिस के अनुसार अनवर कादरी पर आरोप है कि उसने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से शस्त्र लाइसेंस बनवाया था और बाद में उसका इस्तेमाल इंदौर में किया गया। मामला सामने आने के बाद सदर बाजार पुलिस ने इसकी जांच शुरू की। अब पुलिस टीम कठुआ पहुंचकर संबंधित विभागों और अधिकारियों से लाइसेंस से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है।
लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर पुलिस की नजर
जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि लाइसेंस जारी करते समय निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं। इसके लिए आवेदन से संबंधित दस्तावेज, पहचान और अन्य प्रमाण पत्र, आवेदन की प्रक्रिया तथा लाइसेंस जारी करने से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
किन लोगों की भूमिका रही, इसकी भी जांच
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि शस्त्र लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में किस-किस व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका रही। यदि दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस टीम कठुआ में संबंधित रिकॉर्ड जुटाने के साथ मामले से जुड़े लोगों से भी जानकारी ले रही है।
जम्मू-कश्मीर से मिलने वाली जानकारी पर आगे की कार्रवाई
सदर बाजार पुलिस की जांच फिलहाल जारी है। कठुआ से मिलने वाले दस्तावेजों और जानकारी के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई तय करेगी। पुलिस यह भी जांच रही है कि शस्त्र लाइसेंस के लिए दिए गए दस्तावेज वास्तविक थे या नहीं और लाइसेंस जारी होने की पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप हुई थी या नहीं। फिलहाल जांच का केंद्र कठुआ से जारी बताए जा रहे शस्त्र लाइसेंस की वैधता, आवेदन प्रक्रिया और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
फाइल वीडियो
फाइल वीडियो
राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी

