ग्वालियर में विवेक मीणा हत्याकांड पर बवाल: 12 घंटे में आरोपी न पकड़े जाने पर चक्काजाम, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर खुलवाया रास्ता
Published:
3 min read

ग्वालियर में युवक की गोली मारकर हत्या।
ग्वालियर। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर चौराहे पर गुरुवार रात हुए विवेक मीणा हत्याकांड के बाद शुक्रवार को परिजनों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस द्वारा 12 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने पर दोपहर करीब 2 बजे परिजनों ने बहोड़ापुर चौराहे पर जाम लगा दिया।जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जाम खुलवाया।
सिर में गोली मारकर की थी हत्या
जानकारी के मुताबिक, 28 वर्षीय विवेक मीणा ब्लैंकेट डिलीवरी का काम करता था। गुरुवार रात आनंद नगर चौराहे पर बदमाशों ने उसके सिर में गोली मार दी। गोली लगने से विवेक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे करीब 7 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्धों की पहचान लाल अग्रवाल, राहुल गट्टा और सौरभ यादव के रूप में की है।
संदिग्धों पर पहले से चल रहे केस
तीनों वारदात के बाद बाइक से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, फायरिंग किस आरोपी ने की, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मुख्य शूटर की तलाश में जुटी है।
12 घंटे में गिरफ्तारी का दिया था भरोसा
हत्या के बाद गुरुवार रात ही परिजनों ने थाने के सामने शव रखकर चक्काजाम किया था। परिजनों ने हत्या की धारा 302 में मामला दर्ज कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस ने 12 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन देकर उस समय जाम खुलवाया था।शुक्रवार दोपहर तक गिरफ्तारी नहीं होने पर परिजन दोबारा सड़क पर उतर आए और बहोड़ापुर चौराहे पर जाम लगा दिया।
पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटीं
बहोड़ापुर सीएसपी कृष्ण पाल सिंह के अनुसार, तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। परिजनों को जल्द गिरफ्तारी का भरोसा देकर जाम खुलवाया गया।पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद विवेक का शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
ये भी पढ़ें- नेपाल त्रासदी में फंसीं अनूपपुर की दो बेटियां सुरक्षित : सरकार की मदद से पोखरा पहुंचीं पलक-पल्लवी
कृष्ण पाल सिंह- CSP ग्वालियर

