ग्वालियर ट्रक हादसे पर राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया दुख: पीएम-सीएम ने व्यक्त किया शोक, मुआवजे की घोषणा, ट्रक के कुचलने से 15 श्रद्धालुओं की मौत, 26 घायल
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ग्वालियर ट्रक हादसे पर राष्ट्रपति, पीएम और सीएम ने जताया दुख, फाइल फोटो।
भोपाल/ग्वालियर। सातउं गांव स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर के पास शनिवार देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। धान से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं और सड़क किनारे लगी दुकानों को रौंदता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया। हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हो गए। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। घायलों में दो पुलिसकर्मियों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है। इस दर्दनाक हादसे पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत अन्य मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने दुख जताया है। साथ ही सीएम ने मुआवजे का ऐलान किया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया दुख
ग्वालियर में हुए इस दर्दनाक हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे में लोगों की जान जाने पर दुख जताया। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए का मुआवजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने 4 लाख रुपए की सहायता घोषित की
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, गंभीर रूप से घायल लोगों को 2-2 लाख रुपए और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही हादसे में घायल सभी लोगों का नि:शुल्क उपचार कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
मंत्रियों को घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। दोनों मंत्रियों को प्रभावित परिवारों से संपर्क कर उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को भी राहत एवं बचाव कार्यों और घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए हैं।

अत्यंत हृदयविदारक 13 लोगों की मृत्यु
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शीतला माता मंदिर के पास हुए सड़क हादसे पर शोक व्यक्ति किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि ग्वालियर के शीतला माता मंदिर में सप्तमी की रात हुए दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मृत्यु अत्यंत हृदयविदारक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें। हादसे में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ। प्रशासन घायलों के समुचित उपचार और हादसे की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो।
ॐ शांति!

'शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं'
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दुख जताते हुए पोस्ट किया कि ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे में 15 लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। इस हृदयविदारक हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर उन्हें यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। हादसे में घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।
हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल
शीतला माता मंदिर के पास हुए इस हादसे ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे लोगों के बीच घटना के बाद भय और शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, हादसे के कारणों की जांच जारी है।
ये है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में देवी दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान धान से भरा ट्रक चीनौर रोड की ढलान पर अचानक तेजी से नीचे की ओर बढ़ने लगा। ट्रक की चपेट में सड़क किनारे मौजूद श्रद्धालु और दुकानें आ गईं। इसके बाद ट्रक मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की दीवार ढह गई और कई लोग मलबे में दब गए। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों की मदद करने और मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास किया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं।
हाइड्रा की मदद से हटाया ट्रक, मलबे से निकाले गए लोग
हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। ट्रक के नीचे और मंदिर की ढही दीवार के मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए हाइड्रा मशीन की मदद ली गई। घटनास्थल पर मौजूद कुछ मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी घायलों की सहायता की। बचाव दल ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घायलों को जयारोग्य अस्पताल के शासकीय ट्रॉमा सेंटर सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। गंभीर रूप से घायल लोगों की हालत पर चिकित्सक नजर बनाए हुए हैं।
कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे, जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलने के बाद ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और घायलों के उपचार की व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टर के निर्देश पर हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी में ट्रक के ढलान पर अचानक अनियंत्रित होकर आगे बढ़ने की बात सामने आई है। हालांकि, ट्रक किस वजह से अनियंत्रित हुआ और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

