गुना में सवर्ण संघर्ष मोर्चा का अनोखा प्रदर्शन: मुंडन कर सांसद-विधायक और केंद्र सरकार की निकाली अर्थी; एट्रोसिटी एक्ट और UGC प्रावधानों के विरोध में जनाक्रोश रैली
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एट्रोसिटी एक्ट और UGC प्रावधानों के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन।
गुना। आरक्षण व्यवस्था में संशोधन, एट्रोसिटी एक्ट और UGC से जुड़े प्रावधानों के विरोध में पिछले एक सप्ताह से हनुमान चौराहे पर धरना दे रहे सवर्ण संघर्ष मोर्चा का आंदोलन बुधवार को उग्र और प्रतीकात्मक प्रदर्शन के रूप में सामने आया। मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मुंडन कराया और सांसद, विधायक व केंद्र सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर जनाक्रोश रैली की। इस दौरान कार्यकर्ता अर्थी के आगे विलाप करते हुए चले, जबकि पीछे बड़ी संख्या में समाजजन नारेबाजी करते रहे।
मुंडन कर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने अपना मुंडन कराया। कार्यकर्ताओं ने इसे अपनी मांगों की अनदेखी के विरोध का प्रतीक बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिन जनप्रतिनिधियों से वे अपनी बात रखने और समाधान की उम्मीद कर रहे थे, उनकी ओर से अपेक्षित सुनवाई नहीं होने के कारण उन्होंने यह प्रतीकात्मक तरीका अपनाया। मोर्चा के एक पदाधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की नजर में उनके सांसद और विधायक उनकी मांगों को लेकर प्रभावी भूमिका नहीं निभा रहे हैं। इसी विरोध को जताने के लिए अर्थी निकालकर प्रदर्शन किया गया।
अर्थी के आगे अग्नि पात्र लेकर निकली रैली
जनाक्रोश रैली लक्ष्मीगंज से शुरू हुई। कार्यकर्ता सदर बाजार, निचला बाजार, रपटा, हाट रोड और हनुमान चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। रैली में अर्थी के आगे कुछ कार्यकर्ता अग्नि पात्र लेकर चल रहे थे और विलाप करते हुए अपना विरोध जता रहे थे। हनुमान चौराहे पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से अर्थी का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद रैली कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुई। पूरे मार्ग में सांसद, विधायक और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
आरक्षण में संशोधन की मांग
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद सवर्ण संघर्ष मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन की प्रमुख मांगों में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और उसमें संशोधन करना शामिल है। मोर्चा का कहना है कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के कारण सवर्ण समाज के लोगों को कई क्षेत्रों में अवसरों को लेकर असमानता का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि वे कायस्थ समाज से हैं और उनकी पीढ़ियां शिक्षित रही हैं, लेकिन सवर्ण होने के कारण उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता। इसी वजह से संगठन आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहा है।
एट्रोसिटी एक्ट और UGC प्रावधानों पर भी आपत्ति
प्रदर्शनकारियों ने एट्रोसिटी एक्ट के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी बदलाव की मांग की। इसके अलावा उच्च शिक्षा से जुड़े UGC के कुछ प्रावधानों को वापस लेने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। मोर्चा पदाधिकारियों का कहना है कि इन मुद्दों के मौजूदा स्वरूप से सामाजिक समरसता प्रभावित हो रही है। संगठन का दावा है कि इन मांगों को लेकर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
शहर बंद का मिला-जुला असर
मोर्चा द्वारा बुधवार को गुना बंद का आह्वान भी किया गया था। इसका असर शहर के अलग-अलग बाजारों में मिला-जुला दिखाई दिया। रैली के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम भी सक्रिय रही और मार्ग तथा कलेक्ट्रेट क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखी गई। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि बुधवार के प्रदर्शन के बाद अगले कार्यक्रम की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। प्रदर्शन में गुना के अलावा आसपास के जिलों से भी समाजजनों के शामिल होने की बात कही गई।
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