राघोगढ़ में सिंधिया के पोस्टर हटाने पर गरमाई सियासत: भाजपा ने नगर पालिका पर लगाया एकतरफा कार्रवाई का आरोप, प्रभारी CMO के निलंबन की मांग
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राघोगढ़ में सिंधिया के पोस्टर हटाने पर विवाद, भाजपा ने लगाया एकतरफा कार्रवाई का आरोप
गुना। जिले के राघोगढ़ में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तस्वीर वाले पोस्टर हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। नगर पालिका कर्मचारियों की कार्रवाई पर भाजपा पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाते हुए इसे एकतरफा कार्रवाई बताया है। बुधवार को भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रभारी सीएमओ के निलंबन की मांग की। भाजपा ने चेतावनी दी है कि दो दिन में कार्रवाई नहीं होने पर 30 अक्टूबर को तहसील कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
सफाई के नाम पर पोस्टर हटाने का आरोप
भाजपा नेताओं के अनुसार, मंगलवार रात करीब 9 बजे नगर पालिका के कर्मचारी कचरा वाहन के साथ शहर के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तस्वीर वाले पोस्टर हटा दिए गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई के तरीके पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से जवाब मांगा है।
दिग्विजय और जयवर्धन सिंह के पोस्टरों को लेकर उठाए सवाल
भाजपा पार्षदों का आरोप है कि राघोगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और स्थानीय विधायक जयवर्धन सिंह की तस्वीर वाले पोस्टर भी लगे हुए हैं, लेकिन उन्हें नहीं हटाया गया। भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि नगर पालिका नियमों के तहत पोस्टर हटाने की कार्रवाई कर रही थी, तो सभी राजनीतिक नेताओं के पोस्टरों पर समान रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए थी।
शिकायतकर्ताओं ने इस कार्रवाई से जुड़े फोटो और वीडियो उपलब्ध होने की बात भी कही है। हालांकि, पोस्टर हटाने की कार्रवाई के पीछे नगर पालिका का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, प्रभारी सीएमओ के निलंबन की मांग
नेता प्रतिपक्ष राममोहन चौकसे के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें पोस्टर हटाने वाले संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को निलंबित करने की मांग की गई है।
दो दिन का अल्टीमेटम, 30 अक्टूबर को धरने की चेतावनी
भाजपा नेताओं ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए दो दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो विधानसभा के नेता हिरेंद्र सिंह बंटी बना के नेतृत्व में 30 अक्टूबर को तहसील कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। भाजपा की ओर से इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई है।

