गुना मंडी में किसानों को नहीं मिल रहा 5 रुपए में भोजन: पेयजल और सफाई व्यवस्था बदहाल; परेशान हो रहे अन्नदाता; सचिव ने जांच के दिए आदेश
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गुना की पेयजल और सफाई व्यवस्था बदहाल, सचिव ने जांच के आदेश दिए (फाइल फोटो)।
गुना। मध्य प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में किसानों को राहत देने के लिए 5 रुपए में भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। लेकिन गुना की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में किसानों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। मंडी परिसर में दो कैंटीन होने के बावजूद किसानों को तय कीमत पर भोजन नहीं मिल रहा। इसके अलावा पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। इससे मंडी में कई दिनों तक रुकने वाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दो कैंटीन होने के बावजूद 5 रुपए में नहीं मिल रहा खाना
नानाखेड़ी मंडी में किसानों को सस्ता भोजन देने के लिए दो कैंटीन की व्यवस्था की गई है। जानकारी के अनुसार, मंडी की ऊपरी मंजिल पर स्थित कैंटीन फिलहाल बंद है। इसके संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। वहीं, नीचे की कैंटीन चालू है, लेकिन यहां भी किसानों को 5 रुपए में भोजन नहीं दिया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि कैंटीन में सस्ते भोजन के बजाय समोसे, कचौरी और दूसरी खाद्य सामग्री बेची जा रही है। इनके लिए सामान्य दुकानों की तरह कीमत वसूली जा रही है। ऐसे में किसानों को घर से खाना मंगवाना पड़ता है या फिर होटल से भोजन खरीदना पड़ता है।
बैठकर खाना खाने के लिए भी जगह नहीं
किसानों के अनुसार, मंडी में भोजन की सुविधा नहीं मिलने के साथ बैठकर खाना खाने के लिए भी उचित जगह नहीं है। उन्हें खुले में बैठकर भोजन करना पड़ता है। मक्का और दूसरी फसलें लेकर आने वाले किसानों को उपज बेचने और तुलाई के इंतजार में कई-कई घंटे मंडी में रुकना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए भोजन और पानी की व्यवस्था होना जरूरी है।
पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था भी खराब
किसानों ने मंडी परिसर में पीने के साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की है। उनका कहना है कि दूर-दराज के गांवों से आने वाले किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होना चाहिए। इसके अलावा मंडी परिसर में नियमित सफाई नहीं होने से कई जगह गंदगी दिखाई देती है। किसानों ने मंडी प्रबंधन से भोजन, पेयजल और साफ-सफाई जैसी जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग की है।
पांच दिन से मंडी में रुके किसान को घर से मंगवाना पड़ रहा खाना
किसान भरत पलिया ने बताया कि वे पिछले पांच दिनों से मंडी में रुके हुए हैं, लेकिन यहां 5 रुपए में भोजन नहीं मिल रहा है। इस वजह से उन्हें घर से खाना मंगवाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मंडी में सस्ती भोजन व्यवस्था शुरू होने से किसानों को राहत मिलेगी और होटल पर होने वाला खर्च भी बचेगा।
वहीं, किसान भानु गुर्जर ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से मंडी में रुके हुए हैं। उन्हें उम्मीद थी कि मंडी में 5 रुपए में भोजन मिलेगा, लेकिन सुविधा नहीं होने के कारण होटल से खाना लाना पड़ रहा है। किसानों ने जल्द से जल्द निर्धारित दर पर भोजन उपलब्ध कराने की मांग की है।
मंडी सचिव बोले- जांच कराकर की जाएगी कार्रवाई
इस मामले में कृषि उपज मंडी समिति के सचिव आरपी सिंह ने बताया कि नई कैंटीन के संचालन के लिए नए ठेके की टेंडर प्रक्रिया जारी की गई है। मंडी प्रबंधन का प्रयास है कि किसानों को परेशानी न हो और उन्हें 5 रुपए में भोजन मिल सके। उन्होंने कहा कि नीचे वाली कैंटीन चालू होने के बावजूद किसानों को तय कीमत पर भोजन क्यों नहीं दिया जा रहा है, इसकी जांच कराई जाएगी। यदि नियमों के खिलाफ व्यवस्था संचालित होती पाई गई तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

