गुना नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल: बिजली सामग्री की खरीदी 7 महीने से अटकी, मंजूरी के बावजूद टेंडर जारी नहीं
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गुना नगर पालिका में 7 महीने से अटका बिजली सामग्री का टेंडर (फाइल फोटो)।
गुना। शहर की स्ट्रीट लाइट और बिजली व्यवस्था के लिए जरूरी सामग्री खरीदने की प्रक्रिया नगर पालिका में महीनों से अटकी हुई है। मार्च में खरीदी का प्रस्ताव तैयार हुआ। इसके बाद अधिकारियों के हस्ताक्षर और पीआईसी की मंजूरी भी मिली, लेकिन अक्टूबर तक टेंडर जारी नहीं हो सका। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि मंजूरी मिलने के बाद भी निविदा जारी करने में इतनी देरी क्यों हुई।
मार्च में शुरू हुई थी खरीदी की प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका में विद्युत व्यवस्था का काम देखने वाले नरेंद्र नौनेरिया ने 21 मार्च को दो नोटशीट शुरू की थीं। इनमें मेटल बल्ब, एल्युमिनियम वायर, कॉपर वायर, एलईडी प्लेट सहित अन्य जरूरी विद्युत सामग्री खरीदने के प्रस्ताव रखे गए। दोनों प्रस्ताव करीब 20-20 लाख रुपए के थे।
इसके बाद 8 अप्रैल को सब इंजीनियर ने 20 लाख रुपए की सामग्री खरीदने के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव पीआईसी में रखने की टीप लिखी। इसी दिन सीएमओ और नगर पालिका अध्यक्ष ने भी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 20 मई को पीआईसी ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
मंजूरी के बाद भी फाइल आगे बढ़ने में हुई देरी
पीआईसी से मंजूरी मिलने के बाद भी टेंडर जारी करने की प्रक्रिया में तेजी नहीं आई। करीब दो महीने बाद, 29 जुलाई को सब इंजीनियर ने नोटशीट आगे बढ़ाई। इसके बाद 25 अगस्त को असिस्टेंट इंजीनियर ने फाइल अगले स्तर पर भेजी।
सीएमओ ने भी फाइल पर हस्ताक्षर किए, लेकिन नोटशीट पर तारीख दर्ज नहीं की गई। 18 सितंबर को फाइल नगर पालिका अध्यक्ष के पास पहुंची। अध्यक्ष ने अपनी टिप्पणी में संबंधित कार्य की फाइल पीएमसी को प्रस्तुत करने का उल्लेख किया। साथ ही पीआईसी के संकल्प क्रमांक 527 और 4 मई 2026 की बैठक के संदर्भ में वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति का जिक्र किया।
अध्यक्ष ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
नगर पालिका अध्यक्ष ने अपनी टिप्पणी में कहा कि उपयंत्री और सहायक यंत्री ने निविदा जारी करने की कार्रवाई में चार महीने गंवा दिए। उन्होंने पीआईसी के संकल्प के अनुसार निविदा तैयार कर प्रकाशन के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसके बाद 24 सितंबर को सीएमओ ने नियमानुसार निविदा जारी करने की टीप लिखी। फिर 1 अक्टूबर को नगर पालिका अध्यक्ष ने समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित कराने के लिए फाइल प्रस्तुत करने को कहा। इसके बावजूद उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अक्टूबर तक टेंडर जारी नहीं हुआ था।
सात महीने बीते, अब भी टेंडर का इंतजार
मार्च में शुरू हुई खरीदी की प्रक्रिया अक्टूबर तक पूरी नहीं हो सकी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के करीब सात महीने बीतने के बाद भी विद्युत सामग्री की खरीदी के लिए निविदा जारी नहीं होने का मामला सामने आया है। स्ट्रीट लाइट और बिजली व्यवस्था के लिए जरूरी सामग्री की नियमित आवश्यकता रहती है। ऐसे में खरीदी की प्रक्रिया में देरी से शहर की विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
अब उठ रहे देरी की जिम्मेदारी को लेकर सवाल
प्रस्ताव तैयार होने से लेकर पीआईसी की मंजूरी और अधिकारियों के हस्ताक्षर तक की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद टेंडर जारी नहीं हो सका। ऐसे में सवाल है कि फाइल किस स्तर पर अटकी रही और निविदा जारी करने में हुई देरी के लिए जिम्मेदार कौन है। अब यह देखना होगा कि नगर पालिका कब तक टेंडर जारी कर खरीदी की प्रक्रिया पूरी करती है और शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध हो पाती है।
किशोर कुमार कन्याल, कलेक्टर

