कूनो का चीता 150 KM का सफर तय कर पहुंचा गुना: सरखेड़ा गांव के पास घने जंगल में घुसा, ग्रामीणों में दहशत; वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
Published:
4 min read

कूनो से निकला चीता CCB-4 गुना पहुंचा।
गुना। कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता CCB-4 अब गुना जिले के जंगलों में पहुंच गया है। चीते ने राजस्थान के जंगलों से होते हुए करीब 36 घंटे में 150 किलोमीटर का सफर तय किया। सोमवार सुबह वह फतेहगढ़ क्षेत्र के सरखेड़ा गांव के पास सड़क पार कर घने जंगलों में चला गया। चीते की मौजूदगी से आसपास के गांवों में दहशत है। वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और GPS कॉलर से उसकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है।
राजस्थान के जंगलों से होता हुआ गुना पहुंचा चीता
कूनो नेशनल पार्क से निकलने के बाद चीता CCB-4 लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। शनिवार शाम वह श्योपुर क्षेत्र से निकलकर राजस्थान के बारां जिले की सीमा में पहुंचा।
इसके बाद चीता सवाई माधोपुर के जंगलों से होता हुआ गुना की ओर बढ़ा। उसने खुशियारा के रास्ते से गुजरकर अजरोड़ा के जंगलों में अपना ठिकाना बनाया। रविवार शाम तक उसकी गतिविधियां इसी इलाके में दर्ज की गईं। इसके बाद चीते ने फिर दिशा बदली और नाहरगढ़ क्षेत्र के जंगलों को पार करते हुए सोमवार सुबह गुना जिले के फतेहगढ़ पहुंच गया।
सरखेड़ा गांव के पास सड़क पार कर जंगल में गया
फतेहगढ़ क्षेत्र में पहुंचने के बाद चीता सरखेड़ा गांव के पास सड़क पार करता दिखाई दिया। इसके बाद वह आसपास के घने जंगलों में चला गया। कम समय में लंबी दूरी तय करने और बार-बार लोकेशन बदलने से वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है।
GPS कॉलर से हो रही निगरानी, कूनो से पहुंची विशेषज्ञ टीम
चीते की मौजूदगी की सूचना मिलते ही स्थानीय वन विभाग का अमला सक्रिय हो गया। कूनो नेशनल पार्क से विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। GPS कॉलर की मदद से चीते की लोकेशन ट्रैक की जा रही है। इसके साथ ही वन विभाग की ग्राउंड टीम जंगल में उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। विभाग की कोशिश है कि चीता सुरक्षित रहे और ग्रामीण आबादी से दूर रहे।
गांवों में मुनादी, ग्रामीणों को किया अलर्ट
चीते की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कराई है। ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से कहा गया है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और अपने मवेशियों को जंगल के आसपास खुले में न छोड़ें। वन विभाग ने यह भी अपील की है कि चीता दिखाई देने पर उसके पास जाने, फोटो-वीडियो बनाने या उसका पीछा करने की कोशिश न करें। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
आखिर कूनो से गुना तक क्यों पहुंचा चीता CCB-4?
चीते के लगातार लंबी दूरी तय करने और बार-बार अपना इलाका बदलने से लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वह कूनो से गुना तक क्यों पहुंचा है। क्या चीता अपने लिए नया इलाका तलाश रहा है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? फिलहाल इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों की टीम उसकी गतिविधियों का आकलन कर रही है।
KNG-22 की मौत के बाद वन विभाग के सामने नई चुनौती
हाल ही में मुरैना-श्योपुर क्षेत्र में एक अन्य चीते KNG-22 की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इसके बाद वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। अब CCB-4 का कूनो से करीब 150 किलोमीटर दूर गुना के जंगलों तक पहुंचना वन विभाग के लिए एक नई चुनौती बन गया है। फिलहाल वन विभाग की संयुक्त टीम चीते की निगरानी में जुटी है। विभाग की प्राथमिकता चीते को सुरक्षित रखने के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ये भी पढे़ं- गुना में अवैध आतिशबाजी के खिलाफ छापामार कार्रवाई: बिना लाइसेंस घर में छिपा रखे थे 2 लाख के पटाखे; जब्त...

