गुना प्रशासन के प्रोटोकॉल पत्र पर विवाद: दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म होने के बावजूद लिखा 'राज्यसभा सांसद', कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
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गुना प्रशासन ने दिग्विजय सिंह को बताया राज्यसभा सांसद
गुना। जिला प्रशासन की ओर से जारी एक प्रोटोकॉल पत्र चर्चा का विषय बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के प्रस्तावित दौरे को लेकर जारी इस पत्र में उन्हें 'राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री' बताया गया है, जबकि उनका राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल जून 2026 में ही पूरा हो चुका है। ऐसे में सरकारी पत्र में पुराने पदनाम के इस्तेमाल को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
आज गुना में प्रवेश करेगी यात्रा
दिग्विजय सिंह इन दिनों उज्जैन से अयोध्या तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाल रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को यात्रा राजगढ़ जिले से गुना में प्रवेश करेगी। यात्रा चांचौड़ा तहसील के कालीपीठ गांव से जिले में पहुंचेगी। इसके बाद दिग्विजय सिंह दिनभर यात्रा करते हुए नयापुरा जोड़ पहुंचेंगे, जहां रात्रि विश्राम का कार्यक्रम निर्धारित है।
प्रोटोकॉल पत्र में पुराना पदनाम
दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने 1 और 2 नवंबर 2026 का प्रोटोकॉल कार्यक्रम जारी किया है। संयुक्त कलेक्टर की ओर से संबंधित अधिकारियों को भेजे गए पत्र में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में दिग्विजय सिंह के नाम के साथ 'सांसद राज्यसभा एवं पूर्व मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन' लिखा गया है।

जबकि उनका राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो चुका है। ऐसे में 30 अक्टूबर को जारी पत्र में उन्हें राज्यसभा सांसद लिखे जाने पर सवाल उठ रहे हैं। यह पत्र जिले के करीब 12 अधिकारियों और संबंधित लोगों को भेजा गया है।
जानकारी के सत्यापन पर सवाल
प्रोटोकॉल पत्र सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि सरकारी दस्तावेज जारी करने से पहले पदनाम का सत्यापन क्यों नहीं किया गया। क्या यह पुरानी जानकारी के इस्तेमाल या टाइपिंग की चूक है अथवा प्रोटोकॉल तैयार करने में लापरवाही हुई है? फिलहाल इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
संसद में दिया था विदाई भाषण
दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने से पहले मार्च 2026 में संसद में विदाई भाषण दिया था। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कांग्रेस के प्रति आभार जताया था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बात का उल्लेख करते हुए कहा था, 'मैं न टायर्ड हूं, न रिटायर्ड हूं। आगे चलकर हम और काम करेंगे।'अब उनकी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के गुना पहुंचने से पहले ही प्रशासन का यह प्रोटोकॉल पत्र चर्चा में आ गया है।
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