DG उपेंद्र जैन करेंगे खातेगांव TI हत्याकांड की जांच: तीन संदिग्ध हिरासत में, CM मोहन यादव ने दिए 1 करोड़ और अनुकंपा नियुक्ति के आदेश; कांग्रेस पर बरसे मंत्री विश्वास सारंग
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खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी, फाइल फोटो।
भोपाल/देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी हत्याकांड में जांच तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने DG उपेंद्र जैन को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। उपेंद्र जैन जांच के लिए भोपाल से देवास रवाना हो गए हैं। वहीं, मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
शराब तस्करी के नेटवर्क की जांच, कई नाम चर्चा में
खातेगांव TI हत्याकांड में शराब तस्करी का एंगल सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल का टिमरनी स्थित वाइन शॉप में पार्टनरशिप होने की बात कही जा रही है। राहुल जायसवाल लिकर कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष भी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, कांग्रेस द्वारा उन्हें खातेगांव विधानसभा का प्रभारी बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इस मामले में उनकी भूमिका और कथित संलिप्तता को लेकर पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।

सीएम बोले- पत्नी को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति
घटना पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा- 'देवास जिले के खातेगांव में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कर्तव्य निर्वहन करते हुए थाना प्रभारी दिलीप पुरी के दिवंगत होने का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इस कठिन समय में शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। घटना की जांच के लिए स्पेशल DG श्री उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर रवाना किया गया है। मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
वीर बलिदानी दिलीप पुरी जी की धर्मपत्नी को एसआई के पद पर अनुकंपा नियुक्ति एवं परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
वाइन शॉप मैनेजर ने पूछताछ में किए खुलासे
मामले में टिमरनी वाइन शॉप के मैनेजर भूपेंद्र राणा के बयान भी जांच का हिस्सा बताए जा रहे हैं। उनसे शराब कारोबार और कथित तस्करी से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अवैध शराब परिवहन के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और इस नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था।
आयशर वाहन में बना था गुप्त कंपार्टमेंट
आबकारी निरीक्षक पूजा गेहलोत के खुलासे के अनुसार, शराब तस्करी के लिए आयशर वाहन में विशेष गुप्त कंपार्टमेंट बनाया गया था। आरोप है कि वाहन के निचले हिस्से में बने स्पेशल चैंबर में करीब 100 से 200 पेटी अवैध शराब छिपाकर ले जाई जा रही थी। जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि वाहन के पास शराब परिवहन का कोई वैध परमिट नहीं था और शराब का परिवहन अवैध तरीके से किया जा रहा था।
चेकिंग के दौरान TI पर चढ़ाया वाहन
मिली जानकारी के मुताबिक, जब TI दिलीप पुरी ने चेकिंग के लिए आयशर वाहन को रोकने का प्रयास किया, तभी चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसे TI पर चढ़ा दिया। इसी घटना में थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत हो गई। घटना के बाद से ही पुलिस इस पूरे मामले को शराब तस्करी के नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।
खरगोन निवासी के नाम पर रजिस्टर्ड है आयशर
तस्करी में इस्तेमाल किए गए आयशर वाहन के संबंध में बताया गया है कि वह खरगोन निवासी अकील कुरैशी के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस अब वाहन के मालिकाना हक, उसके वास्तविक उपयोगकर्ता, शराब की सप्लाई चेन और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
DG उपेंद्र जैन की जांच पर टिकी निगाहें
तीन संदिग्धों से पूछताछ, कथित शराब तस्करी नेटवर्क और आयशर वाहन में बने गुप्त कंपार्टमेंट जैसे बिंदुओं को लेकर जांच आगे बढ़ रही है। अब DG उपेंद्र जैन की अगुवाई में होने वाली जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि खातेगांव TI दिलीप पुरी की हत्या के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और अवैध शराब कारोबार का इस घटना से क्या संबंध है।
खातेगांव शराब मामले में मंत्री विश्वास सारंग का कांग्रेस पर आरोप
मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने खातेगांव में अवैध शराब से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता और खातेगांव विधानसभा के प्रभारी राहुल जायसवाल की कथित संलिप्तता का दावा करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की शुरुआत टिमरनी शराब दुकान से हुई है। विश्वास सारंग के मुताबिक, राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल टिमरनी स्थित शराब दुकान के पार्टनर हैं। उन्होंने दावा किया कि दुकान के मैनेजर भूपेंद्र राणा ने इस मामले से जुड़ी कई बातों का खुलासा किया है।

कांग्रेस कार्यालय के खर्च को लेकर भी लगाए आरोप
विश्वास सारंग ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में अवैध शराब के कारोबार के पीछे कांग्रेस नेताओं का हाथ है। उन्होंने दावा किया कि इस कारोबार से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कांग्रेस कार्यालय के खर्चों के लिए किया जाता है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली जाने वाले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खर्च भी शराब माफियाओं ने उठाए थे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विश्वांस सारंग, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री, मध्यप्रदेश

