देवास कथित जहरीली शराब कांड पर गरमाई राजनीति: पीड़ित परिवारों से मिले कांग्रेस नेता अरुण यादव ने किया 22 मौतों का दावा, निष्पक्ष जांच और शराब माफियाओं पर कार्रवाई की मांग
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देवास में कथित जहरीली शराब कांड को लेकर कांग्रेस नेता जीतू पटवारी और अरुण यादव पीड़ित परिवारों से मिले।
देवास। कथित जहरीली शराब कांड को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस नेता अरुण यादव पीड़ित परिवारों से मिलने देवास पहुंचे। इस दौरान अरुण यादव ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि शराब कांड में 22 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। हालांकि, मौतों की संख्या और उनके कारणों को लेकर प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
'शराब पीने वालों की ही मौत क्यों हुई?'
अरुण यादव ने कहा कि पीड़ित परिवारों ने उन्हें बताया कि उनके परिजनों की शराब पीने के बाद मौत हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पानी में जहर होने की आशंका है, तो उसका असर शराब नहीं पीने वालों पर क्यों नहीं दिखाई दिया? उन्होंने कुछ लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की जानकारी भी दी।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने देवास में विनोद नामक व्यक्ति पर अवैध शराब कारोबार में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह कई दिनों से फरार है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सरकार और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
अरुण यादव ने कथित जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने इंदौर, सागर, छिंदवाड़ा, बालाघाट और मुरैना की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। यादव ने कहा कि कांग्रेस अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेगी।
कलेक्टर के अवकाश पर होने से प्रभारी अधिकारी से मिले
पीड़ित परिवार अपनी शिकायतें लेकर देवास कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे। कलेक्टर के अवकाश पर होने के कारण प्रतिनिधिमंडल ने उनका प्रभार संभाल रहे नगर निगम आयुक्त दिलीप सिंह से मुलाकात की। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए मामले में कार्रवाई की मांग रखी।
प्रशासन बोला- जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
नगर निगम आयुक्त दिलीप सिंह ने बताया कि मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग द्वारा जब्त किए गए पेय पदार्थों की जांच में फिलहाल जहरीली शराब की पुष्टि नहीं हुई है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी नजरें
कथित जहरीली शराब कांड को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के दावों में अंतर सामने आया है। कांग्रेस नेताओं ने अवैध शराब कारोबार और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन ने मौतों के कारणों की पुष्टि के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है। अब जांच के नतीजों से ही मौतों के वास्तविक कारणों और मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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अरुण यादव, कांग्रेस नेता
दलीप सिंह, नगर निगम आयुक्त
जीतू पटवारी, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

