दतिया में 70वीं संभागीय शालेय शतरंज प्रतियोगिता में बदइंतजामी: खिलाड़ियों को दिनभर नहीं मिला खाना, किट से जूते भी गायब; कलेक्टर तक पहुंचा मामला
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दतिया में शालेय शतरंज प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं पर सवाल।
दतिया। जिले में आयोजित हो रही 70वीं संभागीय शालेय शतरंज प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतियोगिता में शामिल दतिया जिले के बच्चों को कथित तौर पर दिनभर भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया। सुबह से लेकर देर शाम तक भोजन के इंतजार में रहे बच्चों के प्रतियोगिता स्थल से लौट जाने के बाद शाम करीब 6 बजे अन्य जिलों से आए खिलाड़ियों को भोजन उपलब्ध कराया गया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद अभिभावकों और खेल प्रेमियों में नाराजगी है।
खिलाड़ियों की कीट में जूते नहीं
इतना ही नहीं, खिलाड़ियों को दी जाने वाली किट में जूते शामिल नहीं किए जाने की शिकायत भी सामने आई है। एक ओर संभाग स्तर की प्रतियोगिता में बच्चों के लिए भोजन जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किट को लेकर भी आयोजन की तैयारियों पर सवालिया निशान लग रहा है।
सुबह से शाम तक भोजन का इंतजार करते रहे बच्चे
जानकारी के मुताबिक प्रतियोगिता में दतिया सहित संभाग के विभिन्न जिलों से बालक-बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। दतिया जिले के खिलाड़ियों को सुबह से ही भोजन का इंतजार करना पड़ा। बच्चों और उनके अभिभावकों की ओर से स्थानीय स्तर पर व्यवस्था को लेकर शिकायत भी की गई, लेकिन शुरुआत में समस्या का समाधान होता नजर नहीं आया। बताया जा रहा है कि मामला शाम तक जिला प्रशासन और कलेक्टर के संज्ञान में पहुंचा, जिसके बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया।
शाम 6 बजे दूसरे जिलों के खिलाड़ियों को मिला भोजन
सूत्रों के अनुसार, शाम करीब 6 बजे अन्य जिलों से आए खिलाड़ियों को भोजन उपलब्ध कराया गया। हालांकि तब तक दतिया जिले के बच्चे प्रतियोगिता स्थल से रवाना हो चुके थे। इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहा है कि यदि प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों के भोजन की व्यवस्था पहले से तय थी, तो दतिया के बच्चों को समय पर भोजन क्यों नहीं दिया गया? क्या यह लापरवाही थी या फिर व्यवस्था में किसी स्तर पर चूक हुई?
किट में जूते नहीं होने पर भी उठे सवाल
भोजन की व्यवस्था के साथ खिलाड़ियों को दी जाने वाली किट भी सवालों के घेरे में है। शिकायत है कि खिलाड़ियों की किट में जूते शामिल नहीं किए गए। अभिभावकों का कहना है कि संभाग स्तरीय शालेय प्रतियोगिता में दूर-दराज से बच्चे भाग लेने पहुंचते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए जरूरी सुविधाओं और सामग्री की व्यवस्था आयोजकों की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
7 से 9 सितंबर तक आयोजित हो रही प्रतियोगिता
यह प्रतियोगिता 7 से 9 सितंबर 2026 तक दतिया में आयोजित की जा रही है। आयोजन स्थल पर लगाए गए बैनर के अनुसार शालेय शिक्षा विभाग, दतिया को आयोजक संस्था और लिटिल फ्लावर इंटरनेशनल स्कूल, दतिया को सौजन्य संस्था के रूप में दर्शाया गया है। संभागभर के बालक-बालिका खिलाड़ियों की मौजूदगी वाले इस आयोजन में यदि भोजन जैसी बुनियादी सुविधा में चूक हुई है, तो इससे आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अभिभावकों में नाराजगी
मामला सामने आने के बाद अभिभावकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बच्चे प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए सुबह से आयोजन स्थल पर मौजूद थे। ऐसे में उनके खान-पान और अन्य बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखना आयोजकों की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। अभिभावकों का सवाल है कि बच्चों के लिए तय भोजन की व्यवस्था आखिर समय पर क्यों नहीं हो सकी। वहीं किट में जूते नहीं दिए जाने को लेकर भी वे स्पष्ट जवाब चाहते हैं।
प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई का इंतजार
मामले की जानकारी जिला प्रशासन और कलेक्टर तक पहुंचने के बाद इसे संज्ञान में लिया गया है। हालांकि अभी तक संबंधित विभाग या आयोजन समिति की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन इस मामले की जांच कराकर जिम्मेदारी तय करता है या नहीं। साथ ही प्रतियोगिता के बाकी दिनों में खिलाड़ियों के लिए व्यवस्थाएं किस तरह सुधारी जाती हैं, यह भी देखने वाली बात होगी।
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