बालाघाट में बच्चों की मौत पर सरकार सख्त : बैगा अंचल में युद्ध स्तर पर टीकाकरण; स्थिति में सुधार जारी
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बैगा अंचल में मलेरिया-मीजल्स से मौतों के बाद एक्शन में स्वास्थ्य विभाग।
बालाघाट। जिले के आदिवासी अंचल में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चों की मलेरिया और मीजल्स (खसरा) के कारण हुई असमय मौतों के मामले में शासन-प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी के प्रसार को रोकने और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला प्रभावित गांवों में दिन-रात सक्रिय है। बच्चों को बीमारी से बचाने और संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों का लगातार टीकाकरण किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचने के साथ ही स्कूलों में भी बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित कर रही हैं।
प्रभावित गांवों के आसपास पहले टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए विशेष रणनीति बनाई है। इसके तहत सबसे पहले प्रभावित गांवों से सटे क्षेत्रों में टीकाकरण किया जा रहा है, ताकि बीमारी को अन्य इलाकों तक फैलने से रोका जा सके। इसके बाद अभियान को सबसे अधिक प्रभावित गांवों में केंद्रित किया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस रणनीति के कारण संक्रमण फैलने के जोखिम को काफी हद तक कम करने में मदद मिल रही है।
मलेरिया नियंत्रण के लिए दवा छिड़काव और फॉगिंग
टीकाकरण अभियान के साथ-साथ मलेरिया पर नियंत्रण के लिए प्रभावित क्षेत्रों में दवा का छिड़काव और फॉगिंग भी लगातार की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी गांवों में चौबीसों घंटे स्क्रीनिंग कर रहे हैं और बीमार बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। आदिवासी अंचलों में बीमार बच्चों की संख्या में लगातार कमी आने की बात कही जा रही है। वहीं अस्पतालों में भर्ती कई बच्चे उपचार के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट रहे हैं।
बच्चों की मौत के आंकड़ों पर अलग-अलग दावे
इस पूरे मामले में बच्चों की मौत के आंकड़ों को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। एक ओर आदिवासी समाज और कांग्रेस का दावा है कि मलेरिया और मीजल्स के कारण अब तक 30 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं जिला प्रशासन ने फिलहाल 12 बच्चों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है।मौतों के आंकड़ों में अंतर के बावजूद प्रभावित बैगा अंचल में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। शासन-प्रशासन का फोकस अब संक्रमण को पूरी तरह नियंत्रित करने, हर बच्चे तक टीकाकरण पहुंचाने और बीमार बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर है।
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वर्षा तूरकर (एएनएम)
परितोष शुक्ला (जिला टीकाकरण अधिकारी)

