छतरपुर के सटई में जर्जर सरकारी भवनों को गिराने पर विवाद: बिजावर एसडीएम ने लिया संज्ञान, नगर परिषद से 3 दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा
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छतरपुर के सटई में जर्जर सरकारी भवनों को गिराने पर विवाद
छतरपुर। जिले के सटई में जर्जर सरकारी भवनों और डॉक्टर क्वार्टरों को गिराने का मामला चर्चा में है। नगर परिषद अध्यक्ष के पति राजेश शर्मा ने कहा है कि पूर्व कलेक्टर के कार्यकाल और टीएल बैठकों में दिए गए निर्देशों के तहत जर्जर भवनों को चिह्नित कर उन्हें ध्वस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, मामले में बिजावर के एसडीएम एवं आईएएस अधिकारी ऋषिकेश विजय ठाकरे ने संज्ञान लेते हुए नगर परिषद सटई से तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
नए अस्पताल और डॉक्टर क्वार्टर तैयार होने का दावा
राजेश शर्मा के अनुसार, सटई में नया अस्पताल और डॉक्टर क्वार्टर बनकर तैयार हैं। ऐसे में पुराने सरकारी आवासों को खाली कर संबंधित लोगों को नए परिसर में शिफ्ट होना चाहिए, ताकि जर्जर भवनों के कारण किसी संभावित दुर्घटना या जनहानि से बचा जा सके।
उन्होंने पीडब्ल्यूडी के डॉक्टर क्वार्टर का भी जिक्र किया, जहां डॉक्टर नरेश त्रिपाठी रह रहे हैं। शर्मा के मुताबिक, इस सहित अन्य जर्जर भवनों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा की जा रही है।
भ्रम फैलाने का लगाया आरोप
राजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। उनका कहना है कि जब नए आवास तैयार हैं, तो सभी को सुरक्षित स्थानों पर रहना चाहिए। हालांकि, पुराने सरकारी आवासों को खाली कराने और उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर प्रशासन की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
SDM ने तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण
मामले को गंभीरता से लेते हुए बिजावर एसडीएम ऋषिकेश विजय ठाकरे ने नगर परिषद सटई से तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। अब नगर परिषद के जवाब के बाद ही मामले में प्रशासनिक स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

