छतरपुर में मजदूरी के 20 रुपए के विवाद ने ली मजदूर की जान: पत्नी ने लगाया मारपीट और जहर देने का आरोप, तहसील चौराहे पर शव रख किया 3 घंटे चक्काजाम
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छतरपुर में मजदूरी के 20 रुपए के विवाद ने ली मजदूर की जान
छतरपुर। जिले के नौगांव में मजदूरी के बकाया 20 रुपये को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मजदूर की मौत के बाद गंभीर मामला बन गया है। धर्मपाल अहिरवार की जिला अस्पताल में मौत के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए तहसील चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पत्नी का आरोप है कि पुराने विवाद में राजीनामे का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर धर्मपाल के साथ मारपीट कर उन्हें जबरन जहरीला पदार्थ पिलाया गया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों की समझाइश पर जाम खोला गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
20 रुपये के बकाया से शुरू हुआ विवाद
नौगांव के वार्ड नंबर 18 निवासी धर्मपाल अहिरवार की पत्नी उषा अहिरवार ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनके पति ने जितेंद्र उर्फ जीतू साहू से मजदूरी के 50 रुपये मांगे थे। आरोप है कि जितेंद्र ने 30 रुपये दिए, जिसके बाद 20 रुपये को लेकर विवाद हो गया।
पत्नी के मुताबिक, इसी विवाद में 22 अक्टूबर को जितेंद्र, उसके पिता गौरीशंकर साहू और उसकी मां ने धर्मपाल के साथ कथित तौर पर लाठी-डंडों से मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर धर्मपाल का मेडिकल परीक्षण कराया था और सीटी स्कैन के लिए छतरपुर रेफर किया था।
दुकान पर घायल हालत में मिले धर्मपाल, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की पत्नी के अनुसार, 27 अक्टूबर की सुबह धर्मपाल सब्जी मंडी गए थे। सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच थाने से फोन आया कि उन्हें सीटी स्कैन के लिए छतरपुर ले जाना है। इसके बाद बेटा सौरभ अपने दोस्त राहुल के साथ उन्हें लेने पहुंचा।
पत्नी का आरोप है कि धर्मपाल उस समय जितेंद्र की दुकान पर पड़े हुए थे और चिल्ला रहे थे। उन्होंने परिजनों को बताया कि पुराने मामले में राजीनामा करने का दबाव बनाया गया था। मना करने पर उनके साथ मारपीट की गई और जबरन जहरीला पदार्थ पिलाया गया। इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
अस्पताल में तोड़ा दम, रास्ते में भी बताई मारपीट की बात
परिजन धर्मपाल को पहले घर लेकर गए और फिर सिविल अस्पताल नौगांव पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल छतरपुर रेफर किया गया, जहां दोपहर करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अस्पताल ले जाते समय भी धर्मपाल मारपीट और जहरीला पदार्थ पिलाए जाने की बात बता रहे थे।
हत्या का मामला दर्ज करने की मांग
धर्मपाल की पत्नी ने संतोष अहिरवार, स्नेहा अहिरवार, सौरभ और राहुल को गवाह बताते हुए जितेंद्र उर्फ जीतू साहू, गौरीशंकर साहू और उनकी पत्नी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर तहसील चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया।
तीन घंटे तक चक्काजाम, एसडीओपी की समझाइश पर खुला रास्ता
मजदूर की मौत से नाराज परिजनों ने तहसील चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित रहा। बाद में एसडीओपी अमित मेश्राम की समझाइश के बाद जाम खोला गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
एसडीओपी अमित मेश्राम के अनुसार, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर धाराओं में बढ़ोतरी सहित आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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अनु अहिरवार, मृतक की बेटी
अमित मेश्राम, एसडीओपी

