मध्य प्रदेश कोटवार संघ का बड़ा आंदोलन: लंबित मांगों को लेकर 31 अक्टूबर को भोपाल में जुटेंगे 38 हजार कोटवार, नियमितीकरण और भूमि अधिकार की मांग
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छतरपुर में 38 हजार कोटवारों का शक्ति प्रदर्शन।
छतरपुर। मध्य प्रदेश कोटवार संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। संघ का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश भर के करीब 38 हजार कोटवार 31 अक्टूबर को भोपाल में धरना-प्रदर्शन करेंगे। संघ की प्रमुख मांगों में कोटवारों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा, पुश्तैनी मालगुजारी भूमि पर स्वामित्व अधिकार और वर्दी भत्ते की राशि सीधे बैंक खातों में देने की मांग शामिल है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा और भूमि अधिकार की मांग
कोटवार संघ के जिला अध्यक्ष बाबूलाल राही ने कहा कि प्रदेश के सभी कोटवार वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि दादा-परदादा के समय से चली आ रही मालगुजारी भूमि को केवल सेवा भूमि मानने के बजाय उस पर भूमि स्वामी का अधिकार दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही प्रदेश के लगभग 38 हजार कोटवारों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित करने की मांग भी दोहराई गई।
वर्दी भत्ते को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
संघ ने वर्दी भत्ते के मुद्दे पर भी नाराजगी जताई है। बाबूलाल राही का कहना है कि वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित वर्दी की राशि अब तक कोटवारों को नहीं मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार के माध्यम से मिलने वाली वर्दी की गुणवत्ता और सिलाई को लेकर भी कोटवार असंतुष्ट हैं। संघ की मांग है कि वर्दी भत्ते की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाए, ताकि वे अपनी पसंद और नाप के अनुसार वर्दी तैयार करा सकें।
30 अक्टूबर को भोपाल कूच, 31 को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन
कोटवार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो 30 अक्टूबर को प्रदेशभर से कोटवार भोपाल के लिए रवाना होंगे। इसके बाद 31 अक्टूबर को राजधानी में करीब 38 हजार कोटवार एकत्रित होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। अब नजर इस बात पर है कि सरकार इन मांगों पर क्या फैसला लेती है।
बाबूलाल राही, जिला अध्यक्ष
गोपाल शरण पटेल, SDM
भूपेंद्र सिंह

