विदिशा में नशे के इंजेक्शन से 11 युवकों की जिंदगी तबाह: HIV पॉजिटिव निकलने से मचा हड़कंप, इलाज और मॉनिटरिंग में जुटा स्वास्थ्य विभाग
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नशे के लिए पुरानी सीरिंज उपयोग से बढ़ा HIV संक्रमण, फाइल फोटो।
विदिशा। जिले में इंजेक्शन के जरिए नशा करने वाले 11 युवक एचआईवी संक्रमण की चपेट में आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनवरी से सितंबर के बीच इन युवकों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है। विभाग संक्रमित लोगों को चिह्नित करने के साथ ही नशा करने वालों के बीच जागरूकता अभियान भी चला रहा है।
जिले में 300 इंजेक्टेड ड्रग यूजर पंजीकृत
जिला स्वास्थ्य अधिकारी समीर किरार के अनुसार, जनवरी से सितंबर तक इंजेक्शन के जरिए नशा करने वाले करीब 11 युवक एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। परियोजना के आंकड़ों के मुताबिक, विदिशा जिले में लगभग 300 इंजेक्टेड ड्रग यूजर पंजीकृत हैं। स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं और उपचार उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है।
पुरानी सिरिंज के इस्तेमाल से संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस्तेमाल की गई सिरिंज को साझा करना एचआईवी संक्रमण फैलने का एक प्रमुख जोखिम है। इंजेक्शन के जरिए नशा करने वाले लोग यदि एक ही सिरिंज का इस्तेमाल करते हैं, तो संक्रमित व्यक्ति के रक्त के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति तक संक्रमण पहुंच सकता है। विभाग का मानना है कि नशे के आदी लोगों को नई सिरिंज आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाना भी जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे में सुरक्षित तरीके अपनाने और इस्तेमाल की गई सिरिंज साझा नहीं करने के प्रति जागरूकता जरूरी है।
जागरूकता अभियान चला रहा स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग संक्रमित युवकों का इलाज शुरू करने के साथ ही इंजेक्शन से नशा करने वाले लोगों को संक्रमण के जोखिमों के बारे में जागरूक कर रहा है। एचआईवी की समय पर जांच और उपचार के साथ सुरक्षित व्यवहार अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। विदिशा प्रदेश के उन सात जिलों में शामिल बताया गया है, जहां इंजेक्शन के जरिए नशा करने वालों की संख्या अधिक है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने संक्रमण की रोकथाम, जांच और उपचार तक पहुंच बढ़ाने की चुनौती है।
समीर किरार, क्षय रोग अधिकारी

