बगोता को आबादी घोषित कराने की ग्रामीणों ने उठाई आवाज: गौशाला जमीन के रिकॉर्ड में सुधार की मांग, वन विभाग से कृषि भूमि मुक्त कराने की अपील
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समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर सौंपा सामूहिक ज्ञापन।
छतरपुर। ग्राम पंचायत बगोता के ग्रामीणों ने गांव को आबादी घोषित कराने और लंबे समय से लंबित भूमि संबंधी समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर प्रशासन को सामूहिक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने कहा कि जमीन से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं, जिससे गांव के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से सभी मांगों पर प्राथमिकता से कार्रवाई कर प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने की अपील की।
गौशाला की जमीन के रिकॉर्ड में सुधार की मांग
ग्रामीणों ने ज्ञापन में ग्राम बगोता को आबादी घोषित करने की प्रमुख मांग उठाई। इसके साथ ही गौशाला के लिए निर्धारित भूमि के खसरा रिकॉर्ड में सुधार कराने की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटियों के कारण जमीन से जुड़े मामलों के निराकरण में परेशानी हो रही है। उन्होंने आबादी भूमि की रजिस्ट्री में हुई गलतियों को सुधारने और पात्र परिवारों को उनके भूमि संबंधी अधिकार दिलाने की मांग भी रखी।
विश्वविद्यालय के लिए अधिग्रहित जमीन का मिले मुआवजा
ज्ञापन में विश्वविद्यालय के लिए अधिग्रहित जमीन से प्रभावित ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिलाने का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
वन विभाग के अधीन कृषि भूमि मुक्त कराने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग के अधीन बताई जा रही किसानों की कृषि भूमि को मुक्त कराने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी। उनका कहना है कि इस समस्या का समाधान होने से प्रभावित किसानों को राहत मिलेगी और वे अपनी कृषि भूमि का उपयोग कर सकेंगे। समस्त ग्रामवासियों और ग्राम पंचायत बगोता की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने प्रशासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निराकरण कराने की अपील की है।
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ग्रामीण
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रामनरेश गौतम, तहसीलदार

