भोपाल में सफाई कर्मचारियों का हल्लाबोल: CM हाउस की ओर कूच, लीली टॉकीज पर दो घंटे चक्काजाम; आज प्रदेशभर में सफाई बंद
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भोपाल में सफाई कर्मचारियों का हल्लाबोल।
भोपाल। राजधानी में लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह से यादगार-ए-शाहजानी पार्क में धरने पर बैठे कर्मचारियों का आरोप था कि उनकी मांगें सुनने कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। शाम तक इंतजार करने के बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच कर दिया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारी लीली टॉकीज चौराहे तक पहुंच गए और सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे तो भड़के कर्मचारी
यह प्रदर्शन अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के बैनर तले किया गया। इसमें भोपाल सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी शामिल हुए।कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने, स्थायी करने और लंबे समय से लंबित मांगों का जल्द निराकरण करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने के लिए शाम 4 बजे तक का समय दिया था। उनका कहना था कि इस समय तक कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा तो वे मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।
CM हाउस की ओर बढ़े, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका
शाम 4 बजे तक कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा तो कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ गया। इसके बाद यूनियन पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने लगे।पुलिस ने शाहजानी पार्क के सामने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारी तलैया थाने से होते हुए लीली टॉकीज चौराहे तक पहुंच गए। यहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद किया तो कर्मचारी सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया।

दो घंटे तक यातायात प्रभावित, अधिकारियों ने लिया ज्ञापन
प्रदर्शन के कारण लीली टॉकीज और जहांगीराबाद क्षेत्र में करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। पुलिस ने वाहनों को दूसरे रास्तों से निकालने की व्यवस्था की, लेकिन पुराने शहर और पुलिस कंट्रोल रूम के सामने भी जाम की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत कर ज्ञापन लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटे और यातायात सामान्य हो सका।
'मांगें जायज हैं, अब आर-पार की लड़ाई'
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं। वेतन वृद्धि, स्थायीकरण और दूसरी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी हल नहीं निकला। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए। झांझोट ने कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्वक अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। अब मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
आज प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सफाई बंद
देर रात प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने सोशल मीडिया के जरिए कर्मचारियों को बताया कि यूनियन के आह्वान पर बुधवार, 4 नवंबर को प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सफाई कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को नगरीय निकाय के प्रमुख सचिव के साथ बैठक भी निर्धारित है। यदि बैठक में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो काम बंद हड़ताल आगे भी अनिश्चितकाल के लिए जारी रखी जा सकती है। इससे प्रदेशभर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

