भोपाल के प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद: नाबालिग बच्चियों से यौन शोषण मामले में 77.64 लाख जुर्माना; सहयोगी राबिया को 20 साल की सजा
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भोपाल के प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद।
भोपाल। नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण के मामले में भोपाल की विशेष पॉक्सो अदालत ने प्यारे मियां को सख्त सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में 10 बार आजीवन कारावास की सजा दी है। इनमें आठ सजाएं प्राकृतिक जीवन समाप्त होने तक जेल में रहने की हैं, जबकि दो अन्य आजीवन कारावास की सजाएं हैं। अदालत ने उस पर कुल 77 लाख 64 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले में उसकी सहयोगी राबिया बी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है।
नौकरी का लालच देकर बच्चियों को फंसाने का आरोप
अभियोजन के अनुसार, प्यारे मियां वर्ष 2014 से नाबालिग बच्चियों का यौन शोषण कर रहा था। आरोप था कि वह बच्चियों और उनके परिवारों से संपर्क कर उन्हें हर महीने 10 हजार रुपए कमाने वाली नौकरी दिलाने का लालच देता था। मामले में राबिया बी पर बच्चियों को प्यारे मियां तक पहुंचाने में मदद करने का आरोप था। बताया गया कि प्यारे मियां बच्चियों से खुद को 'अब्बू' कहलवाता था। परिवारों का विश्वास जीतने के लिए वह उनके घर जाता और धार्मिक आयोजनों में भी शामिल होता था।
जुलाई 2020 में ऐसे सामने आया मामला
यह मामला जुलाई 2020 में सामने आया, जब रातीबड़ पुलिस को गश्त के दौरान पांच नाबालिग बच्चियां नशे की हालत में मिलीं। पूछताछ और काउंसलिंग के दौरान बच्चियों ने बताया कि उन्हें जन्मदिन मनाने के बहाने भोपाल के शाहपुरा इलाके के एक फ्लैट में बुलाया गया था।
शिकायत के मुताबिक, फ्लैट में बच्चियों को शराब पिलाई गई और उनके साथ यौन अपराध किए गए। बच्चियों के बयान सामने आने के बाद पुलिस ने फ्लैट पर कार्रवाई की। जांच के दौरान वहां शराब और आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात सामने आई। इसके बाद प्यारे मियां और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
हिडन कैमरे और पिस्टल मिलने की बात आई सामने
जांच के दौरान पुलिस को फ्लैट से हिडन कैमरे और एक पिस्टल भी मिली थी। आरोप था कि कैमरों से बच्चियों के वीडियो बनाए जाते थे और बाद में उनका इस्तेमाल ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था। पीड़िताओं को पिस्टल दिखाकर डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्यारे मियां की तलाश तेज कर दी थी। उसके विदेश भागने की आशंका के चलते लुकआउट नोटिस जारी किया गया।
श्रीनगर से गिरफ्तार कर भोपाल लाई थी पुलिस
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्यारे मियां आष्टा में अपनी गाड़ी छोड़कर टैक्सी से इंदौर पहुंचा था। इसके बाद वह विमान से दिल्ली होते हुए श्रीनगर चला गया। श्रीनगर में उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने पर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया और भोपाल लेकर आई। उसकी गिरफ्तारी जुलाई 2020 में हुई थी।
तीन पीड़िताओं को 12 लाख रुपए मुआवजा देने के निर्देश
विशेष अदालत ने पीड़िताओं के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए तीन बच्चियों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। इस तरह कुल 12 लाख रुपए मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। इस फैसले का उद्देश्य पीड़िताओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके पुनर्वास में मदद करना है।
अवैध संपत्तियों पर भी हुई थी कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने प्यारे मियां की कथित अवैध संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की थी। भोपाल में उसकी कुछ इमारतों को गिराया गया था। इसके अलावा उसके खिलाफ अन्य मामलों में भी कार्रवाई की गई थी। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने अपराध को बेहद गंभीर और क्रूर माना। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत ने अदालत में पैरवी की। अदालत का यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों की गंभीरता को रेखांकित करता है।

