मध्य प्रदेश में दीपावली तक खिलेगी धूप!: अगले 4 दिनों तक बारिश का नहीं है कोई अलर्ट; दूसरे हफ्ते से बढ़ेगी ठंड
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मध्य प्रदेश में दिवाली और धनतेरस के दौरान मौसम साफ रहने का अनुमान है, फाइल फोटो।
भोपाल। मध्यप्रदेश में दिवाली और धनतेरस पर मौसम साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश की संभावना नहीं है। 5 से 8 नवंबर तक किसी भी जिले में आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इससे त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के ज्यादातर शहरों में धूप खिली रहेगी। वहीं, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर बढ़ने लगेगा। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
चार दिन साफ रहेगा मौसम, बारिश का अलर्ट नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, 5 से 8 नवंबर तक प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। इस दौरान किसी भी जिले में आंधी या बारिश का अलर्ट नहीं है। भोपाल और इंदौर समेत ज्यादातर शहरों में दिन के समय अच्छी धूप निकलेगी।
पिछले एक सप्ताह में तूफान 'अर्नब' और 'मुरासु' के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला था। इनके प्रभाव से पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई थी। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और उज्जैन संभाग के कुछ इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई थी। अब इन मौसम प्रणालियों का असर कमजोर पड़ गया है और बारिश का दौर थम गया है।
धनतेरस पर खरीदारी के लिए रहेगा अच्छा मौसम
6 नवंबर को धनतेरस के मौके पर भी मौसम साफ रहने का अनुमान है। ऐसे में बाजारों में खरीदारी करने और त्योहार की तैयारियां करने वाले लोगों को बारिश की परेशानी नहीं होगी। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में धूप निकलने से दिन का मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। त्योहार के दौरान लोगों को मौसम की वजह से किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के मुताबिक, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड बढ़ने लगेगी। इसका सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल संभाग में देखने को मिल सकता है। उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण यहां रात के तापमान में गिरावट होगी। नवंबर में ग्वालियर और उज्जैन में पहले भी काफी कम तापमान दर्ज किया जा चुका है। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर के महीने में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं, उज्जैन में 53 साल पहले रात का तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
नवंबर के आखिरी हफ्तों में फिर हो सकती है बारिश
नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, इस दौरान नई मौसम प्रणालियां सक्रिय होने पर बारिश की संभावना बनेगी। भोपाल, इंदौर और जबलपुर समेत प्रदेश के कुछ इलाकों में नवंबर के दौरान बारिश होने का ट्रेंड रहा है। इस बार भी महीने की शुरुआत में मौसम प्रणालियों के कारण बारिश हो चुकी है। हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश होगी या नहीं, यह नई मौसम प्रणालियों की सक्रियता पर निर्भर करेगा।

