MP राज्यसभा उपचुनाव में कांग्रेस की एंट्री: राजकुमार लोहानी ने भरा नामांकन पत्र, उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे बने प्रस्तावक, हरदीप पुरी से होगा मुकाबला
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राजकुमार लोहानी ने दाखिल किया नामांकन; अब निर्विरोध चुनाव की संभावना खत्म।
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के बाद अब कांग्रेस ने भी चुनावी मैदान में अपना उम्मीदवार उतार दिया है। कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार लेहनी ने सोमवार को राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके नामांकन में विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे प्रस्तावक बने। कांग्रेस की इस एंट्री के बाद राज्यसभा सीट पर निर्विरोध निर्वाचन की संभावना खत्म होती नजर आ रही है। अब मुकाबला बीजेपी के उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और कांग्रेस के राजकुमार लेहनी के बीच होने की स्थिति बन गई है।

कांग्रेस ने राजकुमार लेहनी को बनाया उम्मीदवार
कांग्रेस ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए राजकुमार लेहनी पर भरोसा जताया है। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे उनके प्रस्तावक बने। अब तक राजनीतिक गलियारों में इस सीट पर निर्विरोध निर्वाचन की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने से चुनावी मुकाबला तय होता दिखाई दे रहा है। हालांकि, नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद ही चुनाव की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
3 नवंबर को होगी नामांकन पत्रों की जांच
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 2 नवंबर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख निर्धारित है। इसके बाद 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटिनी) होगी। यदि राजकुमार लेहनी का नामांकन वैध पाया जाता है और वे चुनाव मैदान में बने रहते हैं, तो राज्यसभा सीट के लिए मतदान कराया जाएगा।
12 नवंबर को मतदान, शाम 5 बजे से मतगणना
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट के लिए 12 नवंबर को मतदान होगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा। इसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। इसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
बीजेपी ने हरदीप सिंह पुरी को बनाया है उम्मीदवार
बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया गया है। अब कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन दाखिल करने से दोनों प्रमुख दलों के बीच चुनावी मुकाबले की स्थिति बन गई है। हालांकि, विधानसभा में विधायकों की संख्या के लिहाज से बीजेपी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार उतारना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फिलहाल सभी की निगाहें 3 नवंबर को होने वाली नामांकन पत्रों की जांच पर टिकी हैं। इसके बाद ही राज्यसभा उपचुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

