भोपाल में रद्दी से संवर रहा जरूरतमंद बच्चों का भविष्य: मंथन फाउंडेशन का 6 साल से अनूठा अभियान, 45 मासूमों को मिला स्कूल का सहारा
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पुरानी किताबें, अखबार और कबाड़ बन रहे शिक्षा का सहारा
भोपाल। घरों में बेकार पड़ी पुरानी किताबें, अखबार, कॉपियां और गत्ते आमतौर पर कबाड़ समझकर बेच दिए जाते हैं, लेकिन भोपाल की युवा संस्था मंथन फाउंडेशन इन्हीं अनुपयोगी वस्तुओं को जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा का सहारा बना रही है। संस्था पिछले छह वर्षों से ‘रद्दी कैंपेन’ चला रही है। इस अभियान के माध्यम से घरों, सोसायटियों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों से पुरानी रद्दी एकत्रित की जाती है। इसके विक्रय से प्राप्त राशि वंचित समुदायों के बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक विकास पर खर्च की जाती है। इस वर्ष अभियान के तहत अब तक 500 किलोग्राम से अधिक रद्दी एकत्रित की जा चुकी है। संस्था की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
15 सोसायटियों और चार कॉलेजों में लगाए कलेक्शन बॉक्स
मंथन फाउंडेशन के सह-संस्थापक गौरव म्हसे के मुताबिक, इस वर्ष भी रद्दी कैंपेन को शहरवासियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। भोपाल की लगभग 15 सोसायटियों में रद्दी कलेक्शन बॉक्स लगाए गए हैं, जहां रहवासी अपने घरों में जमा पुरानी रद्दी दान कर रहे हैं। अभियान को विद्यार्थियों और युवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से इस बार शहर के चार कॉलेजों में भी कलेक्शन बॉक्स रखे गए हैं। इसके अलावा कई नागरिक स्वयं संस्था से संपर्क कर रद्दी दान करने की इच्छा जता रहे हैं।
संस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस सामाजिक पहल से जोड़ना है, ताकि घरों में अनुपयोगी पड़ी वस्तुओं का सदुपयोग हो सके और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए संसाधन जुटाए जा सकें।
रद्दी से जुटी राशि से 40-45 बच्चों को मिला शिक्षा का अवसर
संस्था के अनुसार, पिछले वर्षों में रद्दी अभियान से प्राप्त राशि जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए काफी उपयोगी साबित हुई है। इस पहल के माध्यम से लगभग 40 से 45 बच्चों को स्कूली शिक्षा से जोड़ने में मदद मिली है। बच्चों के स्कूल में प्रवेश, शैक्षणिक जरूरतों और पढ़ाई से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने में इस राशि का उपयोग किया गया। इसके अलावा करीब 150 बच्चों को नि:शुल्क समर कैंप में शामिल कराने में भी अभियान से जुटाई गई राशि का योगदान रहा। संस्था का प्रयास है कि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अपनी प्रतिभा विकसित करने और नए कौशल सीखने के अवसर भी मिलें।
इस बार बच्चों के लर्निंग डेवलपमेंट पर रहेगा फोकस
मंथन फाउंडेशन इस वर्ष रद्दी अभियान से प्राप्त राशि का उपयोग वंचित समुदायों के बच्चों के लर्निंग डेवलपमेंट यानी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक विकास को बेहतर बनाने में करेगा। इसके तहत लर्निंग सेंटर की गतिविधियों, शैक्षणिक सामग्री, रचनात्मक कार्यक्रमों और बच्चों को सीखने के नए अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संस्था का मानना है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सीखने के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। इससे बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और उनके भविष्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
मुस्लिम बाहुल्य बस्तियों में शिक्षा से जोड़ने की पहल
मंथन फाउंडेशन के गौरव म्हसे ने बताया कि संस्था मुस्लिम बाहुल्य बस्तियों में विशेष रूप से काम कर रही है। इन क्षेत्रों में ऐसे कई बच्चे मिल रहे हैं, जिन्होंने आर्थिक तंगी और जागरूकता की कमी के कारण पढ़ाई छोड़ दी थी। संस्था ऐसे बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने का प्रयास कर रही है। बच्चों के अभिभावकों को भी शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। गौरव म्हसे के अनुसार, संस्था का उद्देश्य केवल बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराना नहीं, बल्कि उन्हें नियमित शिक्षा और सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी है।
सनम खान के बच्चों को मिला स्कूल में प्रवेश, अब नियमित कर रहे पढ़ाई
संस्था की पहल से लाभान्वित होने वाली रामनगर झुग्गी बस्ती की निवासी सनम खान ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। अशिक्षा और जागरूकता की कमी के चलते उन्होंने पहले कभी अपने बच्चों का स्कूल में प्रवेश नहीं कराया था। मंथन फाउंडेशन के सदस्यों ने उन्हें बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद संस्था के सहयोग से उनके दोनों बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराया गया। सनम खान ने बताया कि संस्था ने उनके बच्चों के साथ मोहल्ले के अन्य बच्चों को भी स्कूल में प्रवेश दिलाने में मदद की है। अब सभी बच्चे नियमित रूप से स्कूल जाकर पढ़ाई कर रहे हैं। सनम खान के अनुसार, संस्था की मदद से उनके बच्चों के भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। यह पहल उनके परिवार के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुई है।
किताबों से लेकर ई-वेस्ट तक कर सकते हैं दान
मंथन फाउंडेशन ने शहरवासियों, सोसायटी समितियों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं से रद्दी कैंपेन में भागीदारी की अपील की है। लोग अपने घरों में रखी अनुपयोगी वस्तुओं को दान कर इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। अभियान में पुरानी किताबें, अखबार, कॉपियां, गत्ते, कार्टन, लोहे का कबाड़, ई-वेस्ट और अन्य अनुपयोगी सामग्री एकत्रित की जा रही है। इससे एक ओर घरों में जमा कबाड़ का उपयोगी निस्तारण हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी।

