पुराने भोपाल में पटाखों का अवैध भंडारण: प्रशासन ने चार दुकानों पर मारा छापा, फुलझड़ी से लेकर सुतली बम तक 7 लाख की सामग्री बरामद
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पुराने भोपाल में अवैध पटाखों का कारोबार, 7 लाख की सामग्री जब्त।
भोपाल। राजधानी में दिवाली से पहले पुलिस और प्रशासन ने पुराने शहर में अवैध रूप से पटाखे बेचने और उनका भंडारण करने वालों के खिलाफ सोमवार को कार्रवाई की है। कोतवाली क्षेत्र के ललवानी प्रेस रोड और आसपास की घनी बस्ती में चार दुकानों पर छापेमारी की गई। यहां से 7 लाख रुपए से अधिक कीमत के पटाखे और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। जांच में सामने आया कि दुकानदार बिना लाइसेंस के पटाखों की बिक्री कर रहे थे।
चार दुकानों पर संयुक्त टीम की छापेमारी
कार्रवाई पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने की। इसमें कोतवाली एसीपी संतोष पटेल, एसडीएम लाखन चौधरी, कोतवाली थाना प्रभारी अपाला सिंह और तहसीलदार भूलेन्द्र कैलासिया मौजूद रहे।
पुलिस के मुताबिक, थाना प्रभारी अपाला सिंह को सूचना मिली थी कि ललवानी प्रेस रोड और आसपास के भीड़भाड़ वाले बाजार में कुछ दुकानदार बिना लाइसेंस पटाखे बेच रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने दुकानों की जांच की। पहले पुलिस ने दो दुकानों से सामग्री जब्त की। इसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने दो अन्य दुकानों पर भी कार्रवाई की।
फुलझड़ी, सुतली बम और रॉकेट भी मिले
जांच के दौरान चार दुकानों से कई तरह के पटाखे बरामद हुए। इनमें फुलझड़ी, अनार, फ्लावर पॉट, सुतली पटाखे, रॉकेट, चकरी, लड़ी, एटम और मुर्गा छाप शामिल हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत 7 लाख रुपए से अधिक बताई गई है। इस मामले में धनराज भटेजा, अल्ताफ अनवर खान, सुनील भटेजा सहित एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
घनी आबादी में पटाखे रखना नियमों के खिलाफ
एसीपी सिटी कोतवाली संतोष कुमार पटेल ने बताया कि चार दुकानदार बिना लाइसेंस पटाखे बेच रहे थे। उनके खिलाफ कार्रवाई कर विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार घनी आबादी वाले इलाकों में विस्फोटक सामग्री का भंडारण नहीं किया जा सकता। एसडीएम लाखन सिंह ने बताया कि चारों दुकानों पर विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। जिस इलाके में पटाखे बेचे जा रहे थे, वह घनी आबादी वाला क्षेत्र है। यहां पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस जारी नहीं किया जाता।
तय जगहों पर ही मिलती है अस्थायी दुकान लगाने की अनुमति
प्रशासन के अनुसार, दिवाली पर लोगों की सुविधा के लिए तय स्थानों पर अस्थायी पटाखा दुकानें लगाने की अनुमति दी जाती है। इन दुकानों के लिए समय सीमा तय होती है। नगर निगम यहां दुकानें बनाकर आवंटित करता है। साथ ही आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और जरूरी संसाधन भी तैनात किए जाते हैं।
प्रशासन का कहना है कि घनी आबादी वाले बाजारों में बिना अनुमति पटाखे बेचना और रखना लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। त्योहार के दौरान बाजारों में सुरक्षा बनाए रखने के लिए जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
संतोष पटेल,एसीपी सिटी कोतवाली भोपाल

