भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग का एक्शन: पनीर-दूध से लेकर मिठाई तक के नमूने फेल, 35 कारोबारियों पर केस, 6.50 लाख का जुर्माना
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35 खाद्य प्रतिष्ठानों के पनीर-दूध से लेकर मिठाई और तेल तक में मिली गड़बड़ी।
भोपाल। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभिन्न डेयरियों, होटल-रेस्टोरेंट और किराना दुकानों से लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर 35 खाद्य कारोबारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति जारी की गई है। जांच में पनीर, दूध, क्रीम, मिठाइयां, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थ अमानक या मिथ्या छाप पाए गए। वहीं, सोयाबीन तेल से जुड़े दो मामलों में प्रतिबंध संबंधी तथ्य सामने आए हैं।
6 लाख 50 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना लगा
विभाग के अनुसार, अपर कलेक्टर न्यायालय में पहले से लंबित खाद्य मामलों में पिछले तीन महीनों के दौरान सुनवाई के बाद 6 लाख 50 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के मुताबिक, प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और लागू नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण, नमूना संकलन और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई जारी रहेगी।
पनीर और दूध के नमूनों में सामने आई गड़बड़ी
विभाग की ओर से जारी सूची में सबसे अधिक मामले पनीर और दूध से संबंधित हैं। श्री कृष्णा डेयरी, नेशनल डेयरी, जीत ढाबा एंड फैमिली रेस्टोरेंट, होटल श्री रेजिडेंसी, शिव शंभू रेस्टोरेंट, होटल प्लाजा इन, रिम मक्स लॉज, कृष्णा दूध डेयरी, जैस्मिन मिनल भोपाल डेयरी और सागर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल की कैंटीन सहित कई प्रतिष्ठानों से लिए गए पनीर के नमूने जांच में अमानक पाए गए। इसके अलावा न्यू इंडियन डेयरी के भैंस के दूध, राधे कृष्णा डेयरी के दूध मिक्स, नेशनल डेयरी एंड स्वीट्स के भैंस के दूध तथा राजा दूध डेयरी के भैंस के दूध के नमूनों को भी अमानक बताया गया है। कृष्णा दूध डेयरी, विशाल नगर से पनीर और गाय के दूध के नमूने भी जांच में अमानक पाए गए। विभाग की सूची में गाय के दूध से संबंधित अन्य मामले भी शामिल हैं।
मिठाइयों और नमकीन पर भी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में कुछ मिठाइयों और नमकीन उत्पादों को मिथ्या छाप श्रेणी में रखा गया है। रानी स्वीट की मावा कतली, राजोरिया होटल और अजय बेकरी एंड स्वीट्स की मावा बर्फी, तन्वी एंटरप्राइजेज के नमकीन खुरमा तथा कनक फैंसी जनरल एंड किराना स्टोर की लॉन्ग सेव के नमूनों के संबंध में विभाग ने कार्रवाई की है। गोस्वामी किराना स्टोर, न्यू बाग मुगलिया से लिए गए रिफाइंड सोयाबीन तेल और श्री अरिहंत किराना स्टोर, भानपुर से लिए गए सोयाबीन तेल के मामलों में प्रतिबंध संबंधी तथ्य दर्ज किए गए हैं।
नमूनों में गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी मिली
मनभावन किराना एंड जनरल स्टोर्स के को-प्योर घी के नमूने को भी अमानक बताया गया है। गुप्ता पान मसाला स्टोर से लिए गए मूंगफली दाने के नमूने में भी गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी मिली। विभाग की सूची में कुल 35 प्रतिष्ठानों के मामले शामिल हैं। इनमें डेयरियों और रेस्टोरेंट के अलावा किराना दुकानों, बेकरी तथा अन्य खाद्य कारोबारियों के नमूने भी शामिल हैं।
तीन महीने में 6.50 लाख रुपये से अधिक जुर्माना
खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अनुसार, प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर 35 से अधिक मामलों में अभियोजन स्वीकृति जारी की गई है। पहले से अपर कलेक्टर न्यायालय में लंबित मामलों में सुनवाई के बाद पिछले तीन महीनों में 6 लाख 50 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना आरोपित किया गया है। अन्य लंबित मामलों में भी सुनवाई और वैधानिक कार्रवाई जारी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभियोजन स्वीकृति जारी होना और न्यायालय द्वारा अंतिम निर्णय दिया जाना अलग-अलग चरण हैं।
मंगलवारा में ट्रांसपोर्ट की जांच
शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मंगलवारा बाजार क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री के परिवहन से जुड़े यूनिवर्सल ट्रांसपोर्ट की जांच की। जैन भवन स्थित इस ट्रांसपोर्ट के माध्यम से विभिन्न थोक कारोबारियों और कंपनियों की पैक्ड खाद्य सामग्री भोपाल के अलावा सीहोर, इंदौर और अन्य शहरों में भेजे जाने की जानकारी सामने आई।निरीक्षण के दौरान टीम ने खाद्य परिवहन गतिविधियों के लिए आवश्यक खाद्य सुरक्षा लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन मौके पर मैनेजर लाइसेंस नहीं दिखा सका।
लाइसेंस नहीं दिखा सका प्रबंधन
विभाग ने इस संबंध में पंचनामा तैयार किया है। अब बिना वैध खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के खाद्य कारोबार संचालित किए जाने के मामले में नियमानुसार प्रकरण तैयार कर अपर कलेक्टर न्यायालय, भोपाल में प्रस्तुत करने की तैयारी है।विभागीय जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्ट के मैनेजर के रूप में संतोष आर्या का नाम बताया गया है। वहीं, श्रीकांत दीक्षित, निवासी इंदौर, का नाम भी मालिक के रूप में सामने आया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वामित्व से संबंधित इस जानकारी का सत्यापन किया जाना बाकी है।
बत्रा स्टोर से पापड़-अचार के नमूने लिए
इसी कार्रवाई के दौरान मंगलवारा बाजार स्थित बत्रा स्टोर का भी निरीक्षण किया गया। यहां से पापड़ और अचार के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए लिए गए हैं। विभाग इन्हें नियमानुसार प्रयोगशाला भेजेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कारोबारियों और खाद्य सामग्री के परिवहन से जुड़े प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत लागू लाइसेंस, पंजीयन और अन्य नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के मुताबिक, खाद्य सामग्री के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ पहुंचाना है।

