भोपाल में IAS विवेक पोरवाल के बंगले में चोरी: चंदन का पेड़ काट ले गए चोर; DGP आवास के पड़ोस की वारदात, क्राइम ब्रांच टीम जांच में जुटी
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भोपाल के पॉश चार इमली इलाके में फिर चोरों ने लगाई सेंध
भोपाल। एमपी की राजधानी के सबसे पॉश और हाई-सिक्योरिटी वाले चार इमली इलाके में चोरों ने एक बार फिर हाथ साफ कर दिया। चोर आईएएस विवेक पोरवाल के बंगले में सेंध लगाकर चंदन का पेड़ काटकर ले गए। विवेक पोरवाल के ठीक पड़ोस में मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना का निवास है, इतनी कड़ी सुरक्षा और डीजीपी आवास के पास हुई इस चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपने पड़ोस में हुई इस दुस्साहसिक चोरी की घटना के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और पुलिस को चोरों को जल्द से जल्द पकड़ने के सख्त निर्देश दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हबीबगंज थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। फिलहाल घटना ने वीआईपी इलाकों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाई सिक्योरिटी जोन में देर रात हुई वारदात
जानकारी के मुताबिक, वारदात देर रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच हुई। आरोपी बंगले के परिसर में पहुंचे और चंदन का पेड़ काटकर फरार हो गए। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। अब आरोपियों की पहचान करने और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बंगले में सुरक्षा गार्ड मौजूद था, तो बदमाश पेड़ काटकर ले जाने में कैसे सफल हो गए। क्या आरोपियों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी या उन्हें बंगले की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी थी? पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि बदमाश किस रास्ते से आए और चोरी के बाद किस दिशा में भागे।
CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश
एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि चंदन का पेड़ चोरी होने के मामले में पुलिस जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है। वारदात में कौन लोग शामिल हैं, इसका पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जल्द आरोपियों का सुराग मिलने की उम्मीद जताई है। पुलिस के सामने अब आरोपियों की पहचान करने के साथ चोरी किए गए चंदन के पेड़ और लकड़ी का पता लगाने की चुनौती है। जांच में यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि वारदात को अंजाम देने में एक व्यक्ति शामिल था या बदमाशों का कोई समूह सक्रिय था।
भोपाल में पहले भी निशाने पर रहे हैं चंदन के पेड़
राजधानी में चंदन के पेड़ों की चोरी की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2020 में तत्कालीन मंत्री गोपाल भार्गव के बंगले में चंदन के पेड़ काटने की कोशिश की खबर सामने आई थी। वहीं, नवंबर 2025 में मुख्य वन संरक्षक कार्यालय परिसर से भी चंदन के पेड़ काटकर ले जाने की घटना सामने आई थी।लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से सरकारी और वीआईपी परिसरों में लगे चंदन के पेड़ों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। चंदन की लकड़ी की बाजार में मांग और उसकी कीमत के चलते चोर इसे निशाना बनाते रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले परिसरों में भी पेड़ों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हो पा रहे हैं।
VIP इलाके की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
आईएएस अधिकारी के बंगले से चंदन का पेड़ चोरी होने की घटना इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि यह वारदात पुलिस महानिदेशक के आवास के नजदीक हुई है। हालांकि, चोरी किस तरह हुई और सुरक्षा में कहां चूक हुई, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच के नतीजों से ही पता चलेगा कि बदमाशों ने सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर वारदात को अंजाम दिया या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह चौहान

