बालाघाट में गौहत्या-सनातन धर्म पर रोहित रिछारिया महाराज का बयान: बोले- गौवंश की रक्षा के लिए हिंदू समाज को होना होगा एकजुट, जातिवाद की राजनीति पर भी उठाए सवाल
Published:
2 min read

बालाघाट में कथा के लिए पहुंचे पंडित रोहित रिछारिया महाराज ने गौहत्या रोकने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए हिंदू समाज से एकजुट होने की अपील की।
बालाघाट। जिले के प्रसिद्ध विष्णुधाम मंदिर में आयोजित हनुमंत कथा के लिए पहुंचे पंडित रोहित रिछारिया महाराज ने गौहत्या और सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया है। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि गौहत्या रोकने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए हिंदू समाज को जागरूक और एकजुट होना होगा। इस दौरान उन्होंने जातिवाद और राजनीतिक स्वार्थ को लेकर भी अपनी बात रखी।
गौहत्या पर बोले महाराज, हिंदुओं की एकजुटता पर दिया जोर
बागेश्वर धाम सरकार के कृपापात्र शिष्य पंडित रोहित रिछारिया महाराज ने कहा कि, भारत में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, इसके बावजूद गौवंश की हत्या और मांस का कारोबार होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने गौहत्या के खिलाफ समाज से आवाज उठाने की अपील की। महाराज के मुताबिक, जब तक हिंदू समाज इस मुद्दे पर एकजुट होकर सक्रिय नहीं होगा, तब तक स्थिति में बदलाव लाना मुश्किल है। उन्होंने गौवंश की रक्षा के लिए लोगों को जागरूक होने और सामूहिक रूप से प्रयास करने की बात कही।
सनातन धर्म की रक्षा के लिए समाज से एकजुट होने की अपील
सनातन धर्म की आंतरिक स्थिति पर चिंता जताते हुए रोहित रिछारिया महाराज ने कहा कि, कई बार धर्म की रक्षा के लिए काम करने वाले लोगों का विरोध भी अपने ही समाज के लोग करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को आपसी मतभेद भुलाकर धर्म और गौवंश की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने हिंदू समाज से संगठित रहने और धार्मिक विषयों पर आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने का आह्वान किया।
जातिवाद और वोट बैंक की राजनीति पर भी उठाए सवाल
जातिवाद के मुद्दे पर रोहित रिछारिया महाराज ने कहा कि सनातन धर्म की प्राचीन वर्ण व्यवस्था में किसी को हीन भावना से नहीं देखा जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि आज राजनीतिक लाभ और वोट बैंक के लिए समाज को जातियों में बांटने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से आपसी मतभेद छोड़कर संगठित रहने और धर्म की रक्षा के लिए काम करने का आह्वान किया।
रोहित रिछारिया महाराज, गौमाता पर बयान

