NEET PG-SS Admission: मेडिकल कोर्स में पर्सेंटाइल मेरिट सिस्टम बंद, अब रैंक से मिलेगा एडमिशन
Published:
2 min read

इस बदलाव को अभी तक फॉर्मल तरीके से लागू नहीं किया गया है।
एजुकेशन डेस्क. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने पोस्ट ग्रेजुएट (NEET PG) और सुपर स्पेशियलिटी (NEET-SS) के मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए पर्सेंटाइल मेरिट सिस्टम को बंद करने का फैसला लिया है। इसकी जगह NMC ने रैंक बेस्ड सिस्टम लागू करने के प्रस्ताव को मजूरी दी है।
इस प्रपोजल का मकसद एडमिशन के लिए कैंडिडेट्स की रैंक तय करने के तरीके में बदलाव करना और मौजूदा क्वालिफाइंग और काउंसलिंग प्रोसेस से जुड़ी समस्याओं को दूर करना है।
लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक 12 मेम्बर की एक्सपर्ट कमेटी ने 3 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की। कमेटी ने सिफारिश की है कि NEET-PG और NEET-SS की मेरिट लिस्ट कैंडिडेट्स की रैंक के आधार पर तैयार की जाए। यानी रिजल्ट में कैंडिडेट्स का पर्सेंटाइल दिखाने के बजाय उनकी रैंक जारी की जाए।
अभी इस बदलाव को लागू नहीं किया गया है
हालांकि, इस बदलाव को अभी तक फॉर्मल तरीके से लागू नहीं किया गया है। NMC इस प्रपोजल को आगे बढ़ाने से पहले नियमों का ड्राफ्ट तैयार कर सकता है और संबंधित पक्षों से इस पर सुझाव और आपत्तियां मांग सकते हैं। नए नियमों को कब तक लागू किया जाएगा, इसका ऐलान फिलहाल
2025 में किया था माइनस 40 पर्सेंटाइल
2025 के एडमिशन सेशन में खाली सीटों को भरने के लिए बाद के काउंसलिंग राउंड में क्वालिफाइंग कटऑफ कम कर दी गई थी। इसके बाद पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए योग्यता और मिनिमम एकेडमिक स्टैंडर्ड्स को लेकर सवाल उठने लगे थे।
खाली सीटों को भरने के लिए SC, ST और OBC कैटेगरी के कैंडिडेट्स का एडमिशन कटऑफ घटाकर जीरो पर्सेंटाइल या माइनस 40 मार्क्स तक कर दिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी सिफारिश में कहा है कि एडमिशन प्रोसेस में मिनिमम एकेडमिक स्टैंडर्ड्स को बनाए रखना जरूरी है।
साथ ही, कम या नेगेटिव मार्क्स पाने वाले कैंडिडेट्स को क्वालिफाई करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों की जांच कर रहा है। जब तक NMC नए नियमों को अंतिम रूप देकर ऑफिशियल तौर से जारी नहीं करता, तब तक एडमिशन की मौजूदा व्यवस्था लागू रहेगी।

