रायपुर में राज एक्सप्रेस की खबर का असर: प्रयास विद्यालय प्रबंधन ने छात्र की कटी TC की निरस्त; बाल संरक्षण आयोग की सख्ती के बाद दोबारा मिला प्रवेश
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फाइल फोटो।
रायपुर। छराजधानी रायपुर में राज एक्सप्रेस की खबर का बड़ा असर हुआ है। प्रयास आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं के छात्र को टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) दिए जाने के मामले में छात्र और उसके परिवार को राहत मिली है। मामले को लेकर प्रकाशित खबर के बाद राज्य बाल संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। आयोग की सख्ती के बाद विद्यालय प्रबंधन ने छात्र की टीसी निरस्त कर दी और उसे दोबारा उसी विद्यालय में प्रवेश दे दिया गया है।
छात्र पर लगाया गया था तंत्र-मंत्र का आरोप
मामला प्रयास आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 9वीं के एक छात्र से जुड़ा है। छात्र के पिता का आरोप था कि विद्यालय प्रबंधन ने उनके बेटे पर तंत्र-मंत्र से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए अचानक टीसी जारी कर दी। पिता ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। राज एक्सप्रेस ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद बाल संरक्षण आयोग हरकत में आया और संबंधित पक्षों से जानकारी लेकर जांच शुरू की।
रात में जागकर कार्टून बनाता था छात्र
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छात्र रात में जागकर कार्टून बनाया करता था। इसी व्यवहार को विद्यालय प्रबंधन द्वारा कथित तौर पर तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास से जोड़कर देखा गया। जांच के दौरान यह भी सवाल उठा कि छात्र को टीसी देने से पहले उसकी काउंसलिंग या मनोवैज्ञानिक स्तर पर उचित प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं।
टीसी देने के कारण पर उठे सवाल
मामले में विद्यालय के प्राचार्य और प्रबंधन से छात्र को टीसी दिए जाने के कारणों को लेकर जवाब मांगा गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, प्रबंधन की ओर से अभी तक ऐसा संतोषजनक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, जिससे टीसी देने की कार्रवाई को स्पष्ट रूप से उचित ठहराया जा सके।
आयोग की सख्ती के बाद वापस मिला प्रवेश
राज्य बाल संरक्षण आयोग की कार्रवाई के बाद विद्यालय प्रबंधन ने छात्र की टीसी तत्काल निरस्त कर दी। इसके साथ ही छात्र को उसी प्रयास आवासीय विद्यालय में पुनः प्रवेश दे दिया गया है। आयोग ने विद्यालय प्रबंधन को भविष्य में इस तरह की कार्रवाई में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने और मनमानी से बचने की चेतावनी दी है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। छात्र के दोबारा विद्यालय में प्रवेश मिलने से उसके पिता ने राहत जताई है। उनका कहना है कि बेटे की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका के बीच अब उसे उसी विद्यालय में शिक्षा जारी रखने का अवसर मिल गया है।
संजय कुमार भारती, छात्र के पिता

