बैगा बच्चों की मौत और धान खरीदी पर रायपुर में सियासत: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का सरकार पर हमला, मृतकों के परिजनों को मिले 10 लाख मुआवजा
Published:
3 min read

कवर्धा में कथित कुपोषण से बैगा बच्चों की मौत पर सियासत तेज।
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार पर दो मोर्चों पर बड़ा हमला बोला है। कवर्धा में बैगा बच्चों की मौत और धान खरीदी में किसानों से धोखा। आज रायपुर में पत्रकार वार्ता में बैज ने कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री के राज में संरक्षित बैगा जनजाति के बच्चे कुपोषण से मर रहे हैं, इससे शर्मनाक कुछ नहीं। कवर्धा में 5 बैगा बच्चों की मौत के मामले पर सरकार को घेरा। दीपक बैज ने कहा कि वे कल आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव के साथ कवर्धा के वनांचल रेंगाखार के नंदनी कुमान गांव गए थे।
बैगा बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा
पिछले दिनों वहां कुपोषण और एनीमिया से बैगा समुदाय के 5 बच्चों की मौत हो गई। 13 बच्चे बोडला स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं और 10 से ज्यादा बच्चे अभी भी गांव में बीमार पड़े हैं। पूरा क्षेत्र कुपोषण, एनीमिया, डायरिया और मलेरिया से जूझ रहा है। बैज ने आरोप लगाया कि मौतों के बाद भी कोई बड़ा अधिकारी या मंत्री गांव नहीं पहुंचा। क्षेत्र डिप्टी सीएम विजय शर्मा का निर्वाचन क्षेत्र है। पिछले साल भी मलेरिया-डायरिया से मौतें हुई थीं, फिर भी सरकार ने मच्छरदानी तक नहीं बांटी। टीकाकरण नहीं हुआ, बच्चे खसरे से पीड़ित हैं। सुपोषण अभियान सिर्फ कागजों में है।कांग्रेस ने मांग की - मृत बच्चों के परिजनों को 10 लाख मुआवजा और गांव में ही कुपोषण पुनर्वास केंद्र NRC खोला जाए।
धान खरीदी पर भी घेरा
3358 रुपए में सरकारी धान पर बैज ने कहा, "सरकार ने कल फैसला लिया कि आदान सहायता एकड़ के हिसाब से देंगे। ये किसानों को ठगने की कोशिश है। वादा था 3100 रु. प्रति क्विंटल, 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से एकमुश्त भुगतान। अब प्रति एकड़ का झुनझुना क्यों? उन्होंने आंकड़े गिनाए - 2023-24 में आदान सहायता 917 रु. थी, जो घटते-घटते 2026-27 में 659 रु. रह गई है। यानी 258 रु. प्रति क्विंटल की कटौती। 21 क्विंटल के हिसाब से 5418 रु. प्रति एकड़ का नुकसान हुआ है।
कांग्रेस की 5 मांगें
किसानों को 3358 रु. 3100+258 MSP वृद्धि एकमुश्त भुगतान हो। सभी पंचायतों में नकद भुगतान केंद्र खुले।जबरन रकबा समर्पण और फर्जी गिरदावरी बंद हो। दीपावली से पहले पंजीकृत किसानों को अग्रिम भुगतान हो। पिछले बकाया 6066 करोड़ का भुगतान दीपावली से पहले हो।

