चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से कांकेर में फसल तबाह: तेज हवाओं से खेतों में खड़ी धान चौपट, किसानों की बढ़ीं मुश्किलें, मुआवजे की मांग
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कांकेर में बेमौसम बारिश से धान की फसल को नुकसान की आशंका, किसानों ने मांगा मुआवजा।
कांकेर। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से कांकेर जिले में हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, वहीं कई जगह धान की खड़ी फसल गिरने से नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सालभर की मेहनत से तैयार की गई फसल पर मौसम की मार पड़ने से किसान परेशान हैं।
खेतों में भरा पानी, धान की फसल गिरने से बढ़ी परेशानी
किसान गुलाब सिंह कोमरा ने बताया कि बेमौसम बारिश के चलते जिले में धान की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरने और फसल गिरने से किसानों को नुकसान की चिंता सता रही है। उन्होंने कहा कि किसान पूरे साल मेहनत कर फसल तैयार करते हैं, लेकिन ऐन वक्त पर हुई बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेर सकती है।
धान खरीदी से पहले फसल की गुणवत्ता की चिंता
किसानों की परेशानी इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि आने वाले दिनों में धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ऐसे में फसल के गिरने और खेतों में पानी भरने से उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। यदि फसल को अधिक नुकसान पहुंचता है, तो इसका असर किसानों की आमदनी पर भी पड़ सकता है।
नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग
किसान गुलाब सिंह कोमरा ने सरकार और प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। अब किसानों को प्रशासन की ओर से नुकसान के आकलन और राहत संबंधी कदमों का इंतजार है। हालांकि, जिले में फसल को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन सर्वे के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वीरेंद्र यादव, संवाददाता, कांकेर

