रायपुर में भारतीय किसान संघ की अन्नदाता गर्जना महारैली: 1700 करोड़ बकाया और 3358 रुपये MSP की मांग पर महानदी भवन का घेराव, प्रशासन के सामने रखी 10 सूत्रीय मांगें
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अन्नदाता गर्जना रैलीमें शामिल होने के लिए प्रदेशभर से किसान रायपुर में जुटे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के बैनर तले आज राजधानी रायपुर में अन्नदाता गर्जना रैली निकाली जाएगी। इसके बाद संगठन की ओर से महानदी भवन के घेराव का कार्यक्रम है। रैली में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से किसान रायपुर पहुंच रहे हैं।
प्रदेश नेतृत्व और रैली का मूल मंत्र
प्रदेश अध्यक्ष माधव सिंह और प्रदेश महामंत्री नवीन शेष के नेतृत्व में इस रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन के माध्यम से किसान संघ सरकार के समक्ष अपनी 10 सूत्रीय मांगें रखेगा। संगठन ने इस पूरी रैली का मूल मंत्र 'कृषिमित् कृषस्व, खेती ही करो' निर्धारित किया है।
किसानों की 10 प्रमुख मांगें
भारतीय किसान संघ ने किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार से निम्न 10 मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की है;
- गौ संरक्षण एवं संवर्धन: गौवंदन योजना लागू की जाए और जी-टाम-जी योजना को गौ संरक्षण एवं संवर्धन से जोड़ा जाए।
- धान खरीदी का बकाया भुगतान: वर्ष 2022-23 की धान खरीदी की बकाया 1,700 करोड़ रुपए की राशि किसानों को तत्काल दी जाए।
- धान का समर्थन मूल्य: तीन वर्षों की 258 रुपये की समर्थन मूल्य वृद्धि का लाभ देते हुए धान की खरीदी 3,358 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाए।
- फल-सब्जी उत्पादकों को लाभ: फल एवं सब्जी उत्पादक किसानों को कृषक उन्नति योजना में शामिल किया जाए।
- धान खरीदी की अवधि और तौल: धान खरीदी 15 नवंबर से 15 फरवरी तक की जाए। प्रति तौल अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम लेने के संबंध में शासनादेश जारी हो।
- फसल नुकसान का मुआवजा: बाढ़ से प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वे कराकर किसानों को उचित क्षतिपूर्ति दी जाए।
- टोकन व्यवस्था में सुधार: बड़े किसानों को पांच, लघु किसानों को तीन और सीमांत किसानों को दो टोकन दिए जाएं। किसानों पर दबाव डालकर खाता समर्पण कराने की प्रक्रिया बंद हो।
- सिंचाई परियोजनाओं को गति: अपर और भैंसाझार सहित अधूरी सिंचाई परियोजनाओं का काम तेजी से पूरा किया जाए। पैरी हाईडैम जैसी नई परियोजनाओं को तत्काल स्वीकृति मिले।
- खाद की कालाबाजारी पर रोक: निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- भू-अधिग्रहण और वैकल्पिक फसलों को प्रोत्साहन: भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया भारतीय एग्रो इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर के उदयपुर डिक्लेरेशन के अनुसार हो। जल संरक्षण और वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मक्का एवं गेहूं की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर की जाए।
प्रदेशभर से रायपुर पहुंच रहे किसान
अन्नदाता गर्जना रैली को सफल बनाने की जिम्मेदारी जिला अध्यक्षों को दी गई है। इसमें रायपुर से खुमान साहू, धमतरी से लालाराम चंद्राकर, गरियाबंद से माधव सिंह ठाकुर और महासमुंद से कुबेर गिरि गोस्वामी सहित विभिन्न जिलों के नेता शामिल हो रहे हैं। बस्तर संभाग से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे हैं।
'धान बोनस की करो तैयारी, रायपुर आ रहे हैं हलधारी'
रैली में कार्यकर्ताओं के बीच भारी उत्साह है। किसान संघ के सदस्य 'धान बोनस की करो तैयारी, रायपुर आ रहे हैं हलधारी' जैसे नारों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। संघ का मानना है कि कृषि संबंधी मुद्दों और बकाया भुगतान, सिंचाई facilities व खाद की कालाबाजारी पर ठोस निर्णय लेना अनिवार्य है।
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युगल तिवारी , विशेष संवाददाता

