दुर्ग में टैक्स बार एसोसिएशन के नेतृत्व में हुई 'टैक्स समिट': वित्त मंत्री ओपी चौधरी हुए शामिल, GST और AI पर की चर्चा, बोले- भारत में नहीं बनेंगे नेपाल या बांग्लादेश जैसे हालात
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दुर्ग में टैक्स बार एसोसिएशन के नेतृत्व में हुई 'टैक्स समिट'
दुर्ग। वित्त मंत्री ओपी चौधरी शनिवार को दुर्ग जिले के दौरे पर रहे। यहां टैक्स बार एसोसिएशन के नेतृत्व में आयोजित टैक्स समिट में उन्होंने शिरकत की। कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने टैक्स अधिवक्ताओं से मुलाकात कर जीएसटी व्यवस्था में आए बदलावों और एआई टूल्स के इस्तेमाल पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में तकनीक का उपयोग न सिर्फ काम को आसान बना रहा है, बल्कि समय की भी बड़ी बचत कर रहा है।
GST देश के सुधारों में से एक
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, प्रदेश के टैक्स काउंसिल के सदस्य और झारखंड के पूर्व चीफ जस्टिस संजय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में टैक्स अधिवक्ता मौजूद रहे। इस दौरान एआई आधारित तकनीकी सत्र का भी आयोजन किया गया। मीडिया से बातचीत में ओपी चौधरी ने जीएसटी को देश के बड़े आर्थिक सुधारों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। पहले देश में अलग-अलग तरह के 17 टैक्स और 23 प्रकार के सेस थे, लेकिन जीएसटी के बाद टैक्स व्यवस्था काफी सरल हुई है। उन्होंने कहा कि इसका फायदा कारोबारियों, निर्यातकों और ग्लोबल सप्लाई चेन में प्रतिस्पर्धा कर रहे उद्यमियों को मिल रहा है।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र
वहीं विपक्ष के प्रदर्शन और सरकार बदलने की चर्चाओं पर वित्त मंत्री ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और सत्ता परिवर्तन केवल संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए ही संभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय ताकतें भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन नेपाल, बांग्लादेश या श्रीलंका जैसे हालात भारत में पैदा करने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी। ओपी चौधरी ने कहा कि जनता लोकतांत्रिक तरीके से सरकार चुनती है और लोकतंत्र की ताकत के सामने ऐसे प्रयास टिक नहीं सकते।
ओपी चौधरी, वित्त मंत्री, छत्तीसगढ़

