कोरबा में 15 नवंबर से शुरू होगी धान की खरीदी: 10 नवंबर से 'तुहर टोकन' ऐप पर मिलेंगे टोकन, केंद्रों पर नोडल अधिकारी तैनात; 9 चेकपोस्ट से होगी निगरानी
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कलेक्टर और खाद्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर धान खरीदी को लेकर की समीक्षा।
कोरबा। छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में खाद्य सचिव रीना कंगाले ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले में धान खरीदी के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बारदाने की उपलब्धता से लेकर निगरानी व्यवस्था और अवैध धान की आवक रोकने तक प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।
जिले के सभी 73 उपार्जन केंद्रों में नोडल अधिकारी नियुक्त
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि कोरबा जिले की सभी समितियों में मार्कफेड और मिलर्स के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में नए और पुराने बारदाने पहुंचा दिए गए हैं। धान खरीदी के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी पूरी कर ली गई हैं। जिले के सभी 73 धान उपार्जन केंद्रों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा सभी 60 समितियों में स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है, ताकि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।
3 अति संवेदनशील और 18 संवेदनशील केंद्र चिह्नित
धान खरीदी के दौरान गड़बड़ियों और अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष रणनीति तैयार की है। पिछले वर्षों में जहां अनियमितताएं सामने आई थीं या एफआईआर दर्ज हुई थी, ऐसे खरीदी केंद्रों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। वहीं, जिन केंद्रों में धान खरीदी, पंजीकृत रकबे और किसानों के पंजीयन में वृद्धि हुई है, उन्हें संवेदनशील केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है। जिले में कुल 3 अति संवेदनशील और 18 संवेदनशील खरीदी केंद्र चिह्नित किए गए हैं। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जा रही है।
दूसरे जिलों से धान की आवक रोकने 9 चेकपोस्ट स्थापित
बाहरी जिलों से अवैध रूप से धान लाकर कोरबा में खपाने की कोशिशों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने जिले में 9 चेकपोस्ट बनाए हैं। इन चेकपोस्टों पर तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही निगरानी और कार्रवाई के लिए एक जिला स्तरीय तथा 12 तहसील स्तरीय फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन किया गया है। ये टीमें अवैध धान के परिवहन, भंडारण और खरीदी से जुड़ी अनियमितताओं पर नजर रखेंगी।
जिला कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी
धान खरीदी की पूरी व्यवस्था पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। अपर कलेक्टर को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस सेंटर के माध्यम से खरीदी केंद्रों की गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी।
कृषक उन्नति योजना में रकबे के आधार पर मिलेगी आदान सहायता
समीक्षा बैठक के दौरान खाद्य सचिव रीना कंगाले ने कृषक उन्नति योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पंजीकृत किसानों को आदान सहायता राशि धान विक्रय की मात्रा के आधार पर नहीं, बल्कि धान के रकबे के आधार पर दी जाएगी। इसका मतलब है कि यदि कोई पंजीकृत किसान धान का विक्रय नहीं भी करता है, तब भी वह निर्धारित पात्रता के अनुसार आदान सहायता राशि प्राप्त करने का पात्र होगा। वहीं, धान बेचने वाले किसानों को समर्थन मूल्य की राशि के साथ अतिरिक्त राशि भी उनके बैंक खाते में अंतरित की जाएगी।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 10 नवंबर से कटेंगे टोकन
कोरबा जिले में धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक चलेगा। किसानों की सुविधा के लिए 10 नवंबर से 'तुहर टोकन' ऐप के माध्यम से टोकन जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी। खास बात यह है कि मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन काटने की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। किसान अपनी सुविधानुसार 15 जनवरी 2027 तक किसी भी दिन धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
70 प्रतिशत टोकन ऐप से, 30 प्रतिशत समिति के माध्यम से
टोकन व्यवस्था में किसानों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प दिए गए हैं। प्रतिदिन जारी होने वाले कुल टोकन में से 70 प्रतिशत टोकन 'तुहर टोकन' ऐप के माध्यम से काटे जा सकेंगे, जबकि शेष 30 प्रतिशत टोकन संबंधित समिति के माध्यम से जारी किए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को टोकन प्राप्त करने में सुविधा देना और खरीदी केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना है।
समीक्षा बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कोरबा से अपर कलेक्टर, खाद्य अधिकारी जीएस कंवर, उप पंजीयक, सीसीबी नोडल अधिकारी और जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का लक्ष्य जिले के सभी खरीदी केंद्रों पर सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करना, किसानों को समय पर टोकन उपलब्ध कराना और धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।

