धान खरीदी से पहले कांकेर कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक: 163 धान उपार्जन केंद्रों में सड़क मरम्मत, CCTV निगरानी और अवैध परिवाहन रोकने के लिए चेकपोस्ट बनाने का निर्देश जारी
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सड़क और पुल-पुलियों की मरम्मत के निर्देश, सभी खरीदी केंद्रों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
कांकेर। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीदी की तैयारियों को लेकर कांकेर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने गुरुवार को कलेक्टोरेट में संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले के सभी 163 धान उपार्जन केंद्रों में व्यवस्थित, पारदर्शी और सुचारू खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को अपना धान बेचने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी सुनिश्चित करने और पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखने पर जोर दिया।
सड़क और पुल-पुलियों की मरम्मत के निर्देश
किसानों को धान उपार्जन केंद्रों तक अपनी उपज पहुंचाने में परेशानी न हो, इसके लिए कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को आवश्यक सड़कों, पुलों और पुलियों की मरम्मत समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों के धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की समस्याओं का जायजा लेने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
सभी खरीदी केंद्रों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिले में सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जिसके माध्यम से धान खरीदी की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकेगी। कलेक्टर ने संबंधित समिति प्रबंधकों को सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित करने और इसकी निगरानी कलेक्टर स्तर से किए जाने के निर्देश दिए।
अवैध परिवहन रोकने बनेंगे चेकपोस्ट
धान के अवैध परिवहन और कोचियों-बिचौलियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख मार्गों पर आवश्यकतानुसार चेकपोस्ट स्थापित किए जाएंगे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को धान के आवागमन पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। इसके अलावा ऑनलाइन एंट्री और धान खरीदी से जुड़े अन्य कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विकासखंड स्तर पर ऑपरेटरों का प्रशिक्षण आयोजित करने को भी कहा गया।
149 से बढ़कर 163 हुए धान उपार्जन केंद्र
बैठक में खाद्य अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष जिले में 149 धान उपार्जन केंद्र संचालित थे। इस वर्ष 14 नए केंद्रों की स्वीकृति मिलने के बाद अब जिले में कुल 163 धान उपार्जन केंद्र संचालित होंगे। कलेक्टर ने सभी केंद्रों में जरूरी सुविधाएं समय रहते पूरी करने और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) सहित जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

