छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल: रायपुर-दुर्ग नेशनल हाईवे डूबा, शहर की सड़क पर जलभराव से बढ़ी परेशानी, घरों में घुसा पानी
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मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से ठप, नेशनल हाईवे डूबा, शहर की सड़क पर जलभराव।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से ठप कर दिया है। तूफान का असर अब शहरों से लेकर नेशनल हाईवे तक दिखने लगा है। सबसे ज्यादा मार बस्तर संभाग पर पड़ी है, जहां कई गांवों का संपर्क टूट गया है। SDRF की टीमों को सभी जिलों में अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज रात कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।
रायपुर-दुर्ग नेशनल हाईवे जाम
बारिश की सबसे बड़ी मार रायपुर-दुर्ग नेशनल हाईवे पर पड़ी है। कुम्हारी ओवरब्रिज के पास चंदनडीह क्षेत्र में 3 से 4 फीट तक जलभराव होने से हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यातायात धीमी गति से चल रहा है। स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस ने तत्काल एडवाइजरी जारी की है।
वैकल्पिक मार्ग तय किए गए
- राजनांदगांव से रायपुर जाने वाले भारी वाहन: अंजोरा बाईपास -> पुलगांव चौक -> अंडा -> रिसामा -> गाड़ाडीह -> मर्रा -> जामगांव (एम) -> मोतीपुर -> अमलेश्वर -> रायपुर।
- बालोद से रायपुर जाने वाले भारी वाहन: अंडा -> रिसामा -> गाड़ाडीह -> मर्रा -> जामगांव (एम) -> मोतीपुर -> अमलेश्वर -> रायपुर।
- ट्रांसपोर्ट नगर/भिलाई से रायपुर जाने वाले वाहन: अहिरवारा मोड़ -> कुम्हारी -> मुरमुंडा चौक -> कोचेबंद -> मलपुरी कला -> भालेसर -> कंडरका चौक -> पथरीडीह -> उरला -> बिरगांव -> रायपुर।
- भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी: उतई -> सेलूद -> फूंडा -> मोतीपुर मार्ग का उपयोग करें।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रायपुर की ओर यात्रा करने से पहले पर्याप्त समय लेकर निकलें और हो सके तो वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।
राजधानी रायपुर में हालात बदतर, ड्रेनेज सिस्टम फेल
रायपुर में हालात सबसे बुरे हैं। निचली बस्तियों, नदी किनारे बसी कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया है। शहर से आ रही तस्वीरें चौंकाने वाली हैं, क्योंकि लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इससे नगर निगम के ड्रेनेज सिस्टम की पोल पूरी तरह खुल गई है।
डैम और जलाशय लबालब, बाढ़ का खतरा
प्रदेश के अधिकांश बड़े डैम और जलाशय पूरी तरह लबालब हो चुके हैं। सेंट्रल वाटर कमीशन ने खातिगुड़ा बांध के साथ-साथ गंगरेल और मुरूमसिल्ली बांध के गेट खोल दिए हैं। लगातार गेट खोले जाने से महानदी, मांड नदी, शिवनाथ और सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों को अलर्ट रहने को कहा है। जगदलपुर संभाग पर इसका सबसे व्यापक असर पड़ने की आशंका है।

