छत्तीसगढ़ में केंद्र के समान DA लागू करने की मांग: दीपावली से पहले भुगतान न होने पर कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की उग्र आंदोलन की चेतावनी
Published:
3 min read

छत्तीसगढ़ में केंद्र के समान DA लागू करने की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने प्रदेश सरकार से केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता (DA) लागू करने की मांग उठाई है। फेडरेशन ने केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता और एरियर्स का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दीपावली से पहले लंबित महंगाई भत्ते का एरियर्स सहित भुगतान नहीं किया गया तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
महंगाई पूरे देश में समान, फिर भुगतान के मापदंड अलग क्यों?
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारी प्रदेश की विकास यात्रा और सुशासन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद महंगाई भत्ते के मामले में कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से लाभ नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि महंगाई पूरे देश में समान रूप से बढ़ती है, ऐसे में महंगाई भत्ते के भुगतान में अलग-अलग मापदंड अपनाना न्यायसंगत नहीं है। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र और मोदी की गारंटी से कर्मचारियों को उम्मीदें जगी थीं, लेकिन सरकार के लगभग तीन वर्ष पूरे होने की ओर बढ़ने के बावजूद केंद्र के समान देय तिथि से DA देने के लिए स्थायी नीति निर्धारित नहीं की गई है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
मध्यप्रदेश की तर्ज पर देय तिथि से DA देने की मांग
फेडरेशन ने मध्यप्रदेश सरकार की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ में भी महंगाई भत्ते का लाभ वास्तविक देय तिथि से देने की मांग की है। संगठन ने दीपावली से पहले लंबित 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता जुलाई 2026 से स्वीकृत करने की मांग रखी है।
इसके साथ ही वर्तमान में स्वीकृत 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते के आदेश में संशोधन कर जनवरी 2026 से लाभ देने की मांग की गई है। फेडरेशन का कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते तथा महंगाई राहत का लाभ केंद्र सरकार की घोषणा के अनुरूप बिना देरी के मिलना चाहिए।
DA कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा
कमल वर्मा ने कहा कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण घटक है, न कि शासन की कोई कृपा या अनुदान। कर्मचारियों और पेंशनरों को बढ़ती महंगाई से समय पर राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है।
फेडरेशन ने मांग की है कि केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते की दर घोषित किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ शासन भी उसी देय तिथि से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत स्वीकृत करने की स्थायी व्यवस्था लागू करे।
दीपावली से पहले भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि दीपावली से पहले लंबित महंगाई भत्ते का एरियर्स सहित भुगतान नहीं किया गया तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी और उन्हें राहत प्रदान करेगी।

