अमित शाह ने नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ पर दी बधाई: नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पेड़ लगाने का किया ऐलान, राहुल गांधी पर मॉक पार्लियामेंट को लेकर निशाना साधा
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राज्योत्सव के समापन समारोह में अमित शाह का बड़ा ऐलान।
रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में मंगलवार को नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। इस मौके पर उन्होंने नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पेड़ लगाने की घोषणा की। इससे नवा रायपुर को दुनिया की सबसे बड़ी पर्यावरण मित्र पीपल सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है।
अटल जी ने बनाया छत्तीसगढ़, मोदी सरकार इसे संवार रही है
अमित शाह ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य बनाया था। इसके लिए प्रदेश की जनता की ओर से उन्हें धन्यवाद और श्रद्धांजलि देते हैं। शाह ने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे संवारा जा रहा है। आज प्रदेश विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ पर पुलिस और सुरक्षा बलों को बधाई
गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ की जनता और खासकर आदिवासी समुदाय को नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और छत्तीसगढ़ पुलिस को देते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज का दिन गौरव, सिद्धि और संकल्प का है। गौरव अटल जी की विरासत का है, सिद्धि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ और भारत के लक्ष्य की दिशा में मिली उपलब्धि है और संकल्प विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का है।
नवा रायपुर में लगेंगे 5 लाख पीपल के पेड़
अमित शाह ने घोषणा की कि नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे। इसके बाद शहर को दुनिया की सबसे बड़ी पर्यावरण मित्र पीपल सिटी के रूप में पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं को बचाने के लिए सरकार छत्तीसगढ़ पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन कर रही है। पंथी, पांडवानी, राउत नाचा, कर्मा और सैला नृत्य के साथ ढोकरा कला, बेल मेटल, काष्ठ शिल्प और कोसा जैसी परंपराओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बस्तर दशहरे की 75 दिन चलने वाली परंपरा का भी जिक्र किया।

नक्सलवाद और मानवाधिकार के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
अमित शाह ने नक्सलवाद के मुद्दे पर विपक्षी दलों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार की बात करने वालों को गरीब आदिवासियों के अधिकारों की भी चिंता करनी चाहिए। नक्सल हिंसा में जिन लोगों ने अपने अंग गंवाए हैं, सरकार उन्हें कृत्रिम अंगों की मदद से फिर से सामान्य जीवन जीने में सहायता दे रही है।
शाह ने कहा कि सरकार ने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की थी। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण कई इलाकों में स्कूल और विकास के काम प्रभावित हुए। जहां बच्चों के हाथ में कलम होनी चाहिए थी, वहां उन्हें बंदूक थमा दी गई।
जनताना सरकार और मॉक पार्लियामेंट पर भी साधा निशाना
गृह मंत्री ने नक्सलियों की कथित जनताना सरकार और विपक्ष की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सलियों ने अपनी समानांतर व्यवस्था चलाकर निर्दोष पत्रकारों, समाजसेवियों और विद्यार्थियों को निशाना बनाया। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि मॉक पार्लियामेंट के जरिए संसद का मजाक बनाया गया। उन्होंने विपक्ष से कहा कि वह संसद चलने दे, सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। शाह ने विशेष सत्र में SIR के मुद्दे पर चर्चा कराने की भी बात कही और विपक्ष को संसद में बहस की चुनौती दी।
छत्तीसगढ़ को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि नक्सलमुक्त होने के बाद छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में प्रदेश देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ को लेकर कहा जाता था कि यहां की धरती अमीर है, लेकिन लोग गरीब हैं। अगले 10 साल में सरकार का लक्ष्य धरती और लोगों, दोनों को समृद्ध बनाना है। प्रदेश को भय से भरोसे और संसाधनों से समृद्धि की ओर ले जाने का संकल्प है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

