EPF Money via UPI: PF ट्रांसफर का बदलेगा तरीका, EPFO की UPI क्लेम सर्विस पर आया नया अपडेट
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बिजनेस डेस्क। जो लोग कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का पैसा UPI के जरिए तुरंत निकालने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए एक अपडेट है। EPFO की मोस्ट अवेटेड UPI-लिंक्ड क्लेम सेटलमेंट फैसिलिटी की रोलआउट टाइमलाइन थोड़ी आगे बढ़ गई है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, जो सुविधा पहले मार्च 2026 तक पूरी तरह तैयार होनी थी। वह अब अगस्त तक शुरू होने की संभावना है।
आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि आखिर इस देरी की असली वजह क्या है, यह नया सिस्टम कैसे काम करेगा और इससे आपको क्या-क्या फायदे मिलेंगे।
आखिर क्यों हुई UPI क्लेम सुविधा में देरी?
EPFO इस समय अपने हाल में लॉन्च हुए नए डिजिटल प्लेटफॉर्म सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज CITES 2.01 के टेक्निकल इश्यूज को सुलझाने में लगा हुआ है। पोर्टल अपग्रेड होने के बाद मेंबर्स को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था :
- कई यूजर्स के पुराने पीएफ अकाउंट की डिटेल्स पोर्टल पर नहीं दिख रही थीं।
- वेबसाइट पर लॉगिन फेल होना और पेज की लोड स्पीड स्लो होना।
- सर्वर में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण क्लेम प्रोसेसिंग में देरी हो रही थी।
EPFO का मानना है कि नया सर्विस लॉन्च करने से पहले मौजूदा सिस्टम और पोर्टल को पूरी तरह स्टेबल करना बेहद जरूरी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त के पहले हफ्ते तक CITES 2.01 की सभी मुख्य समस्याओं को ठीक कर लिया जाएगा, जिसके तुरंत बाद UPI सुविधा शुरू की जा सकती है।
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कैसे काम करेगी यह UPI-लिंक्ड क्लेम सुविधा?
जब यह सर्विस चालू हो जाएगी, तो PF क्लेम का प्रोसेस बेहद आसान और तेज हो जाएगा:
- मेंबर्स BHIM UPI इंटरफेस के जरिए अपने एलिजिबल क्लेम का पैसा सीधे अपने रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में ले पाएंगे ।
- यह सुविधा मौजूदा नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT) सिस्टम को रिप्लेस नहीं करेगी, बल्कि उसके साथ एक एडिशनल ऑप्शन के तौर पर काम करेगी। यानी मेंबर्स अपनी पसंद के हिसाब से मोड चुन सकेंगे।
सेंट्रल लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट मिनिस्टर मनसुख मंडाविया ने 2025 में EPFO 3.0 रिफॉर्म्स के तहत इस UPI-बेस्ड क्लेम सेटलमेंट फैसिलिटी का प्रपोजल पेश किया था।
बैकएंड में टेक इंटीग्रेशन की तैयारी
लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट मिनिस्ट्री के ऑफिशियल स्टेटमेंट के मुताबिक, क्लेम का इंस्टेंट और सिक्योर ट्रांसफर एंश्योर करने के लिए टेक्नोलॉजी पार्टनर C-DAC दिन-रात काम कर रहा है। C-DAC इस समय भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया NPCI के साथ मिलकर एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस API इंटीग्रेशन का काम पूरा कर रहा है।
EPFO मेंबर्स को मिलेंगे ये 3 बड़े फायदे
- क्लेम सेटलमेंट: क्लेम अप्रूव होते ही पैसा तुरंत आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगा, जिससे दिनों का लंबा इंतजार खत्म होगा।
- ईजी प्रोसेस: क्लेम के लिए बैंकिंग प्रोसेस की कॉम्प्लेक्सिटी कम होगी और फोन पे/भीम जैसे UPI ऐप्स की वजह से पूरा प्रोसेस काफी ईजी हो जाएगा।
- डिजिटल एक्सपीरियंस: CITES 2.01 के अपग्रेड और UPI इंटीग्रेशन से EPFO का पूरा डिजिटल ढांचा मजबूत होगा, जिससे करोड़ों मेंबर्स को एक स्मूथ ऑनलाइन एक्सपीरियंस मिलेगा।
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