भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का चक्काजाम: CM हाउस के पास प्रदर्शन, लाठीचार्ज-वाटर कैनन के विरोध में जमकर नारेबाजी; पुलिस-प्रशासन मुस्तैद
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इंटर्न डॉक्टरों ने किया चक्का जाम, सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात।
भोपाल। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों ने मंगलवार को राजधानी भोपाल में चक्का जाम कर दिया। मुख्यमंत्री निवास के पास करीब 200 मीटर की दूरी पर बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों के सड़क पर बैठने से इलाके में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।इंटर्न डॉक्टर बीती रात पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल का विरोध कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, इसके बावजूद उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया।
CM हाउस से करीब 200 मीटर दूर डटे डॉक्टर
इंटर्न डॉक्टर मुख्यमंत्री निवास के बाहर करीब 200 मीटर की दूरी पर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों के प्रदर्शन को जूनियर डॉक्टरों का भी समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारी डॉक्टरों ने साफ किया है कि वे अपनी मांगों पर लिखित आदेश मिलने तक पीछे हटने वाले नहीं हैं। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। यातायात को नियंत्रित करने के लिए एक बैरिकेड को बंद कर उसे तार से बांध दिया गया है, ताकि प्रदर्शन वाले हिस्से से यातायात प्रभावित न हो। इसके बावजूद आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बना हुआ है।
लाठीचार्ज और वाटर कैनन के विरोध में प्रदर्शन
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि बीती रात उन्हें हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसी कार्रवाई के विरोध में डॉक्टरों ने अपना आंदोलन और तेज कर दिया है। डॉक्टरों की प्रमुख मांग स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर है। वे मौजूदा स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अब केवल आश्वासन स्वीकार नहीं किया जाएगा और सरकार से लिखित आदेश चाहिए।
सीनियर डॉक्टर भी समर्थन में उतरने की तैयारी में
इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में अब सीनियर डॉक्टरों के भी उतरने की बात सामने आ रही है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव अभिलाष ठाकुर ने कहा कि हमीदिया अस्पताल में इस समय मरीज परेशान हो रहे हैं। उन्होंने इंटर्न डॉक्टरों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन चलाए जाने को गलत बताया। उन्होंने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर भी आगे आ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक राजधानी भोपाल के निजी अस्पतालों के डॉक्टर भी मंगलवार दोपहर 1 बजे के बाद काम बंद कर इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में उतर सकते हैं।
जूनियर डॉक्टरों का भी समर्थन
इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन को जूनियर डॉक्टरों का समर्थन पहले ही मिल चुका है। जूनियर डॉक्टरों की ओर से भी पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई गई है। आंदोलन के बढ़ने की स्थिति में राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल इंटर्न डॉक्टर मुख्यमंत्री निवास के पास सड़क पर डटे हुए हैं। पुलिस बल मौके पर मौजूद है और यातायात व्यवस्था को संभालने की कोशिश की जा रही है। वहीं डॉक्टर अपनी मांगों पर लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।
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आंदोलनकारी इंटर्न डॉक्टर छात्र
आंदोलनकारी इंटर्न डॉक्टर छात्र
आंदोलनकारी इंटर्न डॉक्टर छात्र
अभिलाष ठाकुर, प्रदेश सचिव, मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन
आयुष गुप्ता, डीसीपी
राघव शर्मा, संवाददाता, राज एक्सप्रेस

