भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का हल्लाबोल : पूरी रात कमला पार्क में डटे, शहर में लगा जाम; JDA ने समर्थन में बंद की OPD और OT, सरकार पर बरसे जीतू पटवारी
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स्टाइपंड बढ़ोतरी की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का हल्ला बोल जारी, लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े।
भोपाल। राजधानी में MBBS इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। कमला पार्क में चल रहा डॉक्टरों का धरना पूरी रात जारी रहा और मंगलवार सुबह भी बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर आंदोलन स्थल पर डटे रहे। डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि अब वे केवल मौखिक आश्वासन पर आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। उनकी मांग है कि सरकार स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर लिखित आदेश जारी करे। वहीं इंटर्न डॉक्टरों के धरना प्रदर्शन स्थल पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को खुद आकर बच्चों से मिलना चाहिए और उनकी मांग सुननी चाहिए। साथ ही पटवारी ने बैरिकेड्स को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
धरना के चलते कमला पार्क से रॉयल मार्केट तक लगा जाम
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों ने कमला पार्क के पास मुख्य सड़क पर बैठकर धरना दिया। डॉक्टरों के सड़क पर बैठने के कारण पुराने भोपाल क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ। कमला पार्क से लेकर रॉयल मार्केट तक लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और प्रशासन की ओर से डॉक्टरों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि सरकार के प्रतिनिधियों को बातचीत करनी है तो वे आंदोलन स्थल पर आकर चर्चा करें।
'अब आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए'
इंटर्न डॉक्टरों ने दो टूक कहा है कि उन्हें अब केवल आश्वासन स्वीकार नहीं है। उनका कहना है कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है। इस बार वे लिखित आदेश मिलने के बाद ही आंदोलन खत्म करेंगे। डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और मांग पूरी होने तक पीछे हटने वाले नहीं हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के बंगले से आया बुलावा, डॉक्टरों ने किया इनकार
आंदोलन के बीच प्रशासन की ओर से इंटर्न डॉक्टरों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की गई। हेल्थ कमिश्नर भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर डॉक्टरों से चर्चा कर चुके हैं, लेकिन बातचीत का कोई ठोस हल नहीं निकल पाया। बताया गया कि डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री के बंगले से भी इंटर्न डॉक्टरों को बातचीत के लिए बुलाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने वहां जाने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि "जिसको भी जो बात करनी है, वह प्रदर्शन स्थल पर आकर करे। हम बात करने के लिए अब कहीं नहीं जाएंगे।"
वॉटर कैनन और लाठीचार्ज के विरोध में JDA ने खोला मोर्चा
दूसरी ओर इंटर्न डॉक्टरों पर हुए पुलिस बल प्रयोग को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) भी खुलकर उनके समर्थन में आ गया है। JDA ने पत्र जारी कर इंटर्न डॉक्टरों पर वॉटर कैनन और लाठीचार्ज की घटना की निंदा की है। जूड़ा का कहना है कि मांगों को लेकर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे इंटर्न डॉक्टरों के साथ बल प्रयोग करना उचित नहीं है। संगठन ने इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टरों से एकजुट होने की अपील की है। जूड़ा के डॉ. यशवीर गुर्जर ने कहा कि पुलिस द्वारा किया गया बल प्रयोग निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इंटर्न डॉक्टर शांतिपूर्ण मार्च कर अपनी मांगें रख रहे थे और उनके साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
मंगलवार से OPD और Elective OT बंद रखने का ऐलान
इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में JDA ने आंदोलन को और व्यापक करने का ऐलान किया है। साथ ही मंगलवार से OPD और पहले से तय OT सेवाएं बंद करने की घोषणा की है, जबकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। जूनियर डॉक्टरों के इस फैसले के बाद अस्पतालों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। इसका सीधा असर ओपीडी में इलाज कराने आने वाले मरीजों पर पड़ सकता है। JDA ने कहा है कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी OPD सेवाएं बंद की जा सकती हैं।
मेडिकल टीचर एसोसिएशन भी समर्थन में
इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन को मेडिकल टीचर एसोसिएशन का भी समर्थन मिला है। संगठन की ओर से वीडियो जारी कर भविष्य के डॉक्टरों के साथ खड़े होने की बात कही गई है। संगठन से जुड़े डॉक्टर राकेश मालवीय ने कहा कि यदि इंटर्न डॉक्टरों के साथ किसी तरह का दमन किया गया तो डॉक्टर एकजुट होकर उनके समर्थन में खड़े होंगे। उन्होंने सरकार से मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की।
डिप्टी सीएम के आने तक नहीं खत्म होगा आंदोलन
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से स्पष्ट और लिखित निर्णय नहीं आता, आंदोलन खत्म नहीं होगा। डॉक्टरों ने यह भी कहा है कि वे उपमुख्यमंत्री के आने और उनसे सीधे बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे किसी टकराव के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन अपने अधिकार और मांगों को लेकर इस बार पीछे हटने वाले नहीं हैं।
सुबह 6:30 बजे प्रदर्शन स्थल पहुंचे जीतू पटवारी
इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे कमला पार्क पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों से मुलाकात की और उनकी मांगों को सुना। पटवारी ने कहा कि सरकार को इंटर्न डॉक्टरों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी डॉक्टरों के साथ चर्चा करने की अपील की। पटवारी ने कहा, "चर्चा से, संवाद से समाधान निकलता है। ऐसे पढ़े-लिखे बच्चों को सड़क पर खड़ा करना गलत है।"
उन्होंने मुख्यमंत्री निवास के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था और डॉक्टरों को रोके जाने को लेकर भी सवाल उठाए। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास को इस तरह घेर रखा गया है, जैसे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर हो। उन्होंने सरकार से इंटर्न डॉक्टरों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने और बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकालने की अपील की।
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
फिलहाल इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर कमला पार्क में डटे हुए हैं। प्रशासन की समझाइश और बातचीत के प्रयासों के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। दूसरी ओर JDA के समर्थन और OPD व OT सेवाएं बंद करने के ऐलान से आंदोलन के और व्यापक होने के संकेत हैं।
ये है इंटर्न डॉक्टरों की मांग
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि 14,337 रुपए स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग पर सरकार को अब स्पष्ट फैसला लेना होगा। डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि इस बार केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी और लिखित आदेश मिलने के बाद ही आंदोलन खत्म किया जाएगा।
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डॉ यशवीर गुर्जर, उपाध्यक्ष, जूडा, मध्य प्रदेश

