अस्पताल में मरीजों के बेड पर कुत्ते: खंडवा के किल्लोद का वीडियो वायरल
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MP-CG डेस्क. खंडवा के किल्लोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मरीजों के लिए बने अस्पताल के बेड पर तीन-तीन कुत्ते बेफिक्र होकर आराम फरमाते दिखाई दे रहे हैं। अस्पताल और प्रशासन की भारी लापरवाही उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
मरीज की शिकायत पर खुली अस्पताल की पोल
यह वीडियो अस्पताल में मौजूद एक मरीज ने ही बनाया और खंडवा सीएमएचओ को इसकी शिकायत की। वीडियो वायरल होने के बाद सीएमएचओ ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था नाम मात्र की है और गार्ड की ड्यूटी पर गंभीर सवाल उठते हैं।
बिना डर बेड पर कुत्तों का कब्जा
तस्वीरों और वीडियो में कुत्ते पूरी तरह बेफिक्र दिखाई देते हैं जैसे मानो अस्पताल उनके आरामगाह हो। तीन-तीन कुत्तों का बेड पर बैठकर आराम करना साफ दर्शाता है कि अस्पताल प्रशासन, बीएमओ और सुरक्षा कर्मचारियों की लापरवाही किस हद तक बढ़ चुकी है।
सीएमएचओ ने भेजा नोटिस, जांच शुरू
वीडियो सामने आने के बाद सीएमएचओ डॉ. ओ. पी. जुगतावत ने किल्लोद स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि यह पहला मामला नहीं है जब खंडवा के स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाएँ सवालों के घेरे में आई हों। इससे पहले खंडवा जिला अस्पताल में चूहों के आतंक की तस्वीरें सामने आई थीं, जिसमें मरीजों की दवाइयाँ, कपड़े और मोबाइल चार्जर तक चूहे कुतर चुके थे। लगातार लापरवाही से मरीजों की जान पर जोखिम बढ़ता जा रहा है।
कलेक्टर की सख्त चेतावनी
मामले के सामने आने के बाद खंडवा कलेक्टर ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि भविष्य में भी ऐसी लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित बीएमओ और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पतालों की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए हैं।
मरीजों की सुरक्षा पर उठ रहे गंभीर सवाल
अस्पतालों में जहां मरीज बेहतर इलाज के लिए चक्कर लगाते रहते हैं, वहीं बेड पर कुत्तों का यूँ आराम फरमाना स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि अस्पतालों में जानवरों का ऐसे प्रवेश आसान है, तो मरीजों की सुरक्षा और संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।

