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लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा: राहुल गांधी बोले- संवैधानिक संस्थानों पर RSS का कब्जा, चुनाव आयोग को BJP से दिशा-निर्देश मिल रहे
Tue, 09 Dec, 2025
2 min read

संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधारों पर और राज्यसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा हो रही है।
केन्द्रीय कानून मंत्री ने विपक्षी नेताओं के आरोपों का जवाब दिया
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान विपक्षी नेताओं के सवालों पर लॉ एंड जस्टिस मिनिस्टर अर्जुनराम मेघवाल ने जवाब दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी कहते हैं कि चुनाव आयोग को SIR का अधिकार नहीं है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस यह कह चुके हैं कि चुनाव आयोग यह प्रकिया करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।
अर्जुनराम मेघवाल ने कहा- कांग्रेस जब शासन में रही तो उन्होंने चुनाव आयोग को अपनी मर्जी से चलाया। मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति भी नियमों से परे होती थी। कहने का मतलब है कि यहां उल्टा चोर कोतवाल को डांट रहा है। कांग्रेस ने खुद नियमों की धज्जियां उड़ाईं और आरोप BJP पर लगा रही है।
BJP के सरकार गिराने वाले फॉर्मूले पर EC चुप क्यों?: गुरमीत सिंह
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान पंजाब के संगरूर से AAP सांसद गुरमीत सिंह मीत ने चुनाव आयोग पर कई सवाल दागे। उन्होंने कहा- पिछले कुछ वक्त से देश के लोगों का चुनाव आयोग से भरोसा उठ चुका है। वोट तो चोरी हो ही रहा है, पूरा का पूरा मैंडेट भी चोरी कर रहे हैं। लोग किसी एक पार्टी को सत्ता सौंपते है लेकिन BJP वाले इन सरकारों को तोड़ देती है। महाराष्ट्र से लेकर असम तक यही हुआ है।
गुरमीत सिंह ने कहा- असम के वर्तमान सीएम हिमंत बिस्वा सरमा कांग्रेस नेता थे। जब वो मुख्यमंत्री थे तो उनके खिलाफ ढेर सारी जांच शुरू की गई। 10-10 घंटे उनसे पूछताछ हुई। उन पर पार्टी बदलने के लिए दबाव डाला गया। जब वो कांग्रेस के कुछ विधायकों के साथ मिलकर BJP में शामिल हो गए तो अब एक भी जांच आगे नहीं बढ़ रही है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ भी ऐसा हुआ। उन पर कई सारे केस थे, जब उन्होंने शिवसेना को दो भाग में तोड़ दिया तो सारी जांच बंद हो गई। इन सभी पर भी चुनाव आयोग चुप है। इसमें सुधार की जरुरत है।
राहुल ने पूछे तीन सवाल
राहुल गांधी ने कहा, मेरे पास इस बात के सबूत हैं कि कैसे चुनाव आयोग सत्ता में बैठे लोगों के साथ मिलकर चुनावों को प्रभावित कर रहा है। इन तीन सवालों से साफ होता है कि BJP ने चुनाव आयोग पर कैसे कब्जा किया है..
1) चीफ जस्टिस को चुनाव आयोग के चयन पैनल से क्यों हटाया गया?
2) दिसंबर 2023 में इस सरकार ने कानून बदल दिया कि किसी भी चुनाव आयुक्त को उसकी कार्रवाई के लिए एक्शन नहीं लिया जा सकता, यह छूट क्यों दी गई?
3) सीसीटीवी और डेटा से संबंधित कानून क्यों बदला गया? सीसीटीवी फुटेज को 45 दिनों के बाद डिलीट करने की अनुमति क्यों दी गई?
राहुल गांधी का RSS पर निशाना
राहुल गांधी ने लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा, नाथूराम गोडसे ने गांधी के मारा। RSS का अगला निशाना संस्थानों पर कब्जा करना था। आज चुनाव आयोग पर डायरेक्ट कब्जा है। ईडी, सीबीआई पर कब्जा है। सत्ता के साथ चुनाव आयोग का तालमेल है। ये चुनाव की चोरी का सवाल है।
सरकार ने चुनाव आयोग को कठपुतली बना दिया: लालजी वर्मा
उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर से समाजवादी पार्टी सांसद लालजी वर्मा ने राज्यसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान चुनाव आयोग पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश में चुनाव निष्पक्ष नहीं हो रहे। वोट चोरी हो रही है।
लालजी वर्मा ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त के चुने जाने की प्रक्रिया से चीफ जस्टिस को ही बाहर कर दिया था। यह बताता है कि सरकार चुनाव आयोग को अपनी कठपुतली बनाना चाहते हैं।
मोदी और शाह को इतिहास पढ़ने की जरूरत: खड़गे
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के उन दावों को भी गलत बताया, जिनमें नेहरू पर वंदे मातरम् के टुकड़े करने का आरोप लगाया गया। खड़गे ने कहा- मोदी-शाह के आरोप बेबुनियाद हैं और तथ्यों से परे हैं। इन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए।
खड़गे ने राष्ट्रगीत में से कुछ अंतरे हटाने का ब्योरा पेश किया। उन्होंने कहा- 16 अक्टूबर 1937 को नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर को खत लिखा। उन्होंने वंदे मातरम् पर कांग्रेस के रूख के बारे में पूछा। अगले दिन उन्होंने नेहरू जी को लिखा कि इस मामले पर उन्हें गुरुदेव से मिलना चाहिए। 25 अक्टूबर को नेहरू जी गुरुदेव से मिले। गुरुदेव ने खुद एक लेटर में लिखा है कि उन्हें इस गीत से कुछ अंतरे हटाने पर कोई एतराज नहीं है।
खड़गे बोले- सच्चाई यह है कि 28 अक्टूबर को कांग्रेस वर्किंग कमिटी ने गुरुदेव के इन्हीं शब्दों को सर्वसम्मति से पारित किया। इस कमेटी में सुभाषचन्द्र बोस से लेकर महात्मा गांधी और चन्द्रशेखर आजाद तक शामिल थे।
खड़गे ने कहा PM मोदी और अमित शाह आज वंदे मातरम् पर जो भी कुछ दावे कर रहे हैं, वह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों का अपमान है, क्योंकि इन सभी ने मिलकर वंदे मातरम् गीत पर एक जैसी राय रखी थी।
आपसे राष्ट्रभक्ति सीखने की जरूरत नहीं: खड़गे
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- आप खुद आजादी की लड़ाई के खिलाफ रहे। जब महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया, तब हजारों कांग्रेसी भारत माता की जय और वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए जेल जा रहे थे। तब आपके आदर्श (वीर सावरकर) अंग्रेजों की नौकरी करते थे। हमें आपसे राष्ट्रभक्ति सीखने की जरूरत नहीं है।
तब कहां गई थी आपकी देशभक्ति- खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, मैंने प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुना, उन्होंने नेहरू पर आरोप लगाते हुए कहा- 1937 में नेहरू जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने मूल 'वंदे मातरम्' गीत से महत्वपूर्ण पद हटा दिए थे। आज BJP के लोग ऐसी बातें कर रहे हैं। लेकिन जब BJP के पुरखे श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मुस्लिम लीग के साथ बंगाल में सरकार चला रहे थे, तब आपकी देशभक्ति कहां थी? BJP को अपना इतिहास पढ़ना चाहिए।
नेहरू ने वंदे मातरम् के दो टुकड़े किए: अमित शाह
अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर वंदे मातरम् गीत को सीमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- वंदे मातरम् के 100 वर्ष पूरे होने के पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस गीत के टुकड़े कर इसे महज दो अंतरे तक सीमित कर दिया। इसी के साथ कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति की शुरुआत की और इसी तरह की राजनीति के चलते देश के दो टुकड़े हुए।
अमित शाह के इस बयान के बाद राज्यसभा में देर तक हल्ला होता रहा। कांग्रेस सांसदों ने अमित शाह के इस बयान की निंदा की। विपक्षी नेताओं ने कहा कि गृह मंत्री गलत इतिहास पेश कर रहे।
वंदे मातरम् ने देश की आत्मा जगाई: अमित शाह
अमित शाह ने कहा- वंदे मातरम् गीत ने भारत की आत्मा को जगाने का काम किया। यह इस्लामिक आंक्राताओं से लेकर अंग्रेजों की गुलामी से आजादी पाने का नारा बना। अंग्रेजों ने तो इस शब्द के उच्चारण तक पर प्रतिबंध लगा दिया। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने तो इसे फांसी पर झूलने से पहले भी गाया। यहां तक की कांग्रेस के अधिवेशनों में भी यह गीत हमेशा गाया जाता रहा।
राज्यसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा शुरू
राज्यसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा की शुरुआत गृहमंत्री अमित शाह ने की। उन्होंने कहा- सदन में यह चर्चा इसलिए हो रही है ताकि नई पीढ़ी तक वंदे मातरम् का महत्व पहुंचे। इस गीत ने किस तरह आजादी के लिए लोगों को प्रेरित किया, यह आगे आने वाली पीढ़ियों को बताया जाना जरूरी है। जो लोग वंदे मातरम् की इस चर्चा को गैरजरूरी बता रहे हैं, उन्हें इस गीत और इस शब्द की महिमा को कोई अंदाजा नहीं।
यूरोप-अमेरिका में EVM से वोट नहीं डलते, हमारे यहां क्यों: अखिलेश यादव
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि अगर जर्मनी, फ्रांस जैसे विकसित देश EVM को स्वीकार नहीं कर रहे तो भारत में चुनाव आयोग को इस मशीन से वोटिंग कराने की जरूरत क्यों है? चुनाव आयोग पक्षपात करता है। वोटिंग में हो रही धांधली की शिकायत पर भी EC कोई कार्रवाई नहीं करता।
अखिलेश ने यह भी कहा कि चुनाव के ठीक पहले लोगों के खाते में पैसा भेजना बंद करना चाहिए। अखिलेश ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विपक्षी दलों को भी मीडिया में थोड़ा बहुत स्पेस मिले।
खाद की क्वालिटी जांचने के लिए बोरियों पर ही QR कोड दें: सांसद कल्पना सैनी
उत्तराखंड से BJP सांसद कल्पना सैनी ने प्रश्नकाल के दौरान पूछा कि क्या सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि ग्रामीण और दूरदराज के किसानों को ऐसी तकनीकी सुविधाएं मिले कि जिससे वह खाद के असली और नकली होने का पता लग सके? क्या खाद की क्वालिटी का पता लगाने के लिए बोरियों पर किसी तरह का क्यूआर कोड दे सकते हैं? इस पर रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि यह सुझाव अच्छा है। इस तरह का अब तक कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि हम खाद की क्वालिटी पर ध्यान दे रहे हैं।
पैसे बांटकर वोट खरीदने जैसी योजनाओं पर रोक लगे: मनीष तिवारी
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान चंडीगढ़ सांसद और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि चुनावों के ठीक पहले सरकारें ऐसी योजनाएं लाती हैं, जो पैसे देकर वोट खरीदने जैसी हैं। उन्होंनें मध्य प्रदेश की लाडली बहना और महाराष्ट्र की लाडकी बहीण जैसी योजनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को इस तरह की योजनाएं एकदम चुनाव के ठीक पहले लागू होने से रोकना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा होता रहा तो चुनाव का मतलब ही नहीं रह जाएगा और हर राज्य में हमेशा के लिए एक ही सरकार बनी रहेगी।
IndiGo संकट पर सिविल एविएशन मिनिस्टर का जवाब
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू किंजारापू ने IndiGo संकट पर अपडेट दी। उन्होंने कहा- फ्लाइट ऑपरेशन में तेजी से सुधार आ रहा है। इस संकट के लिए IndiGo ही जिम्मेदार है। यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ सुविधा भी हमारी प्राथमिकता है। ऐसा संकट दोबारा सामने न आए, इसके लिए कुछ बड़े फैसले लिए जाएंगे।