कोहली की सुबह 5 बजे योग से शुरुआत: फिर जिम में मेहनत, जानिए खिलाड़ियों के जीवन में योग का महत्व और प्रमुख आसन
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स्पोर्ट्स डेस्क. आज (21 जून) इंटरनेशनल योगा डे (योग दिवस) मनाया जा रहा है। आजकल की लाइफस्टाइल में योग सभी के लिए बेहद जरूरी हो गया है। खेल जगत में भी एथलीट्स के लिए योग का रोल काफी अहम होता है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली फिटनेस फ्रीक हैं। वे अपने डेली रूटीन में योग को बेहद महत्व देते हैं।
कोहली हर रोज सुबह जल्दी उठकर 5 बजे योग करते हैं। इसके बाद वे जिम जाते हैं। वहां से आकर नाश्ता करते हैं और अपनी डेली लाइफ शुरू करते हैं। यदि कोई मैच होता है तब भी कोहली इस रुटीन में बदलाव नहीं करते। वे योग और जिम के बाद मैच खेलने चले जाते हैं। आकर फिर जिम करते हैं।
संदीप ने 2016 का एक किस्सा सुनाया
इस बात का खुलासा 1983 वर्ल्ड कप चैम्पियन टीम के प्लेयर संदीप पाटिल ने किया। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान फिटनेस को लेकर कोहली से जुड़ा किस्सा सुनाया। साथ ही बताया था कि वे विराट से काफी प्रभावित हुए।
संदीप ने बताया कि 2016 में भारतीय टीम वेस्टइंडीज दौरे पर टेस्ट सीरीज खेल रही थी। कोहली सीरीज का हिस्सा थे। संदीप तब पत्नी के साथ एंटीगुआ में थे। उन्होंने कहा- मैं पत्नी के साथ एंटीगुआ में समुद्र तट पर सुबह-सुबह टहलने गया था।

योग और जिम के बाद कोहली टेस्ट खेलने गए
घोर अंधेरा था और मैंने चुपचाप बैठा एक व्यक्ति देखा। जैसे ही मैं पास गया, मैंने देखा कि वो विराट थे और सुबह 5 बजे योग कर रहे थे। उन्हें सुबह मैच भी खेलना था। कोहली का जुनून यहीं खत्म नहीं हुआ वे योग के बाद जिम के लिए चले गए।
कोहली ने 45 मिनट तक जिम किया। वापस आकर नाश्ता किया और फिर टेस्ट मैच में डबल सेंचुरी लगाई। दिन का खेल खत्म होने के बाद जब कोहली होटल लौटे, तो फिर से जिम चले गए। वे फिटनेस के प्रति जुनूनी हैं।
अनुशासन प्रेरणा से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण
स्टार स्पोर्ट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोहली को 2012 में ही यह महसूस हो गया था कि बेस्ट परफॉर्मेंस के लिए फिटनेस और टेक्निक दोनों का एक बराबर रोल होता है। तभी से कोहली डेली फिटनेस के लिए योग और जिम करते हैं। साथ ही डाइट का भी पूरा ध्यान रखते हैं। कोहली ने अक्सर इंटरव्यू में कहा है- अनुशासन प्रेरणा से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।

योग के लाभ:
- प्राणायाम: इससे प्लेयर को लंबे समय तक खेलने की ताकत मिलती है। प्लेयर को जल्दी थकान नहीं होती है। प्लेयर हर प्रकार की एंजाइटी से भी दूर रहता है।
- शवासन: मैच या लंबी प्रैक्टिस के बाद मांसपेशियों को आराम देने और मानसिक तनाव को दूर करने में यह काफी प्रभावी होता है।
एथलीट के लिए प्रमुख योगासन
- वीरभद्रासन (Warrior Pose): यह आसन पैरों और हिप्स को के लिए फायदेमंद है। इससे एथलीट को रनिंग और बैलेंस बनाने में मदद मिलती है।
- त्रिकोणासन (Triangle Pose): बॉडी के दोनों हिस्सों में खिंचाव लाकर इस योगा से हिप्स, थाई और बैकबोन (रीढ़ की हड्डी) को मजबूत और लचीला बनाने में मदद मिलती है।
- वृक्षासन (Tree Pose): मैच के दौरान ग्राउंड पर सटीक संतुलन और स्थिरता बनाए रखने के लिए यह एक बेहतरीन अभ्यास है।
- भुजंगासन (Cobra Pose): यह पीठ और कंधे की मांसपेशियों को मजबूत करता है। क्रिकेट, हॉकी और टेनिस जैसे खेलों के लिए प्लेयर्स के लिए यह योगा काफी मददगार साबित होता है।
- सेतुबंधासन (Bridge Pose): यह ग्लूट्स (कूल्हों की मांसपेशियों) और हैमस्ट्रिंग को मजबूत करता है।

