बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे क्रिकेटर युजवेंद्र चहल: पहली बार भस्म आरती में हुए शामिल; बोले- यह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता
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महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे क्रिकेटर युजवेंद्र चहल, भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
उज्जैन। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल शुक्रवार अलसुबह विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान महाकाल की प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
युजवेंद्र चहल तड़के करीब तीन बजे मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की भस्म आरती का दर्शन किया। करीब दो घंटे तक चली आरती के दौरान वे पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान महाकाल के ध्यान में लीन दिखाई दिए।
नंदी का पूजन कर मांगा आशीर्वाद
भस्म आरती के बाद चहल ने नंदी महाराज का पूजन-अभिषेक किया और परंपरा के अनुसार नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
मंदिर समिति ने किया सम्मान
दर्शन के उपरांत श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने युजवेंद्र चहल का स्वागत एवं सम्मान किया।
बोले- बाबा जब बुलाएंगे, आता रहूंगा
दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए चहल ने कहा कि यह उनका पहली बार भस्म आरती में शामिल होने का अवसर था। उन्होंने कहा, "महाकाल के दर्शन के बाद जो अनुभूति हुई है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। यह मेरे जीवन का अविस्मरणीय अनुभव है। बाबा महाकाल जब-जब बुलाएंगे, मैं दर्शन के लिए अवश्य आता रहूंगा।"
चहल के मंदिर पहुंचने की जानकारी मिलते ही श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। क्रिकेट जगत के इस लोकप्रिय खिलाड़ी ने बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचकर प्रदेशवासियों और अपने प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने यजुवेंद्र चहल का स्वागत एवं सम्मान किया।
युजवेंद्र चहल, भारतीय क्रिकेटर

