बिहार में महागठबंधन का प्रदर्शन: सड़कें ब्लॉक, जगह-जगह टायर जलाए; वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर भारी विरोध; राहुल-तेजस्वी भी शामिल
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पटना में I.N.D.I.A ब्लॉक का प्रदर्शन।
बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर आज (बुधवार) प्रदर्शन हुआ। पटना में विपक्ष सड़क पर उतर आया। सोनपुर और हाजीपुर में रोड ब्लॉक किए गए। राजद के कार्यकर्ताओं ने टायरों में आग लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ता भारी संख्या में जुटे थे। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बने। राहुल और तेजस्वी इनकम टैक्स चौराहे से मार्च करते हुए चुनाव आयोग के ऑफिस तक पहुंचे।

राहुल गांधी आज सुबह पटना पहुंचे।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बिहार के अलग-अलग हिस्सों में महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने ट्रेनें रोक दी। सड़कों पर चक्का जाम कर दिया। इसकी वजह से आम लोगों को अच्छी-खासी परेशानी झेलनी पड़ी। छपरा में राजद के कार्यकर्ता सड़क जाम कर क्रिकेट खेलते नजर आए।
महागठबंधन में कौन से दल शामिल
राष्ट्रीय जनता दल (RJD)
कांग्रेस
लेफ्ट
विकासशील इंसान पार्टी (VIP)
वोटर लिस्ट रिवीजन क्या है
इससे पहले 24 जून को चुनाव आयोग ने बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कराने का ऐलान किया था। चुनाव आयोग का कहना है कि लगातार पलायन, युवा वोटरों को शामिल करने, मौतों की सूचना न देने, अवैध विदेशी प्रवासियों के शामिल होने और तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए वोटर लिस्ट रिवीजन जरूरी है। इससे वोटर लिस्ट में होने वाली गलतियों को सुधारा जा सकेगा।
वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर बवाल क्यों
विपक्ष को लगता है कि इस प्रक्रिया से लाखों लोग वोटर लिस्ट से बाहर हो सकते हैं। विपक्ष का आरोप है कि नए नियमों के तहत हर मतदाता को दस्तावेज जमा करना जरूरी है, जबकि बिहार के कई ग्रामीण इलाकों में लोगों के पास जरूरी कागजात नहीं हैं। इससे दलित, पिछड़े और वंचित वर्ग के लोगों के वोटिंग अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
विपक्ष को लगता है कि ये फैसला बिहार चुनाव को देखते हुए जल्दबाजी में लिया गया है। उनका कहना है कि जल्दबाजी में लिए गए इस फैसले से सिर्फ बीजेपी और NDA को फायदा होगा। चुनाव आयोग ने सफाई दी है कि प्रक्रिया पारदर्शी है। सभी को दस्तावेज जमा करने के पर्याप्त मौके मिलेंगे। हालांकि, विपक्ष संतुष्ट नहीं है और विरोध जारी है।
चुनाव आयोग ने मांगे ये 11 दस्तावेज, इनमें सिर्फ एक जरूरी
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जन्म प्रमाण पत्र
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पासपोर्ट
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मैट्रिक या उससे ऊपर की शैक्षणिक प्रमाण पत्र
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सरकारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश
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मूल निवास प्रमाण पत्र
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वन अधिकार प्रमाण पत्र
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जाति प्रमाण पत्र
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परिवार रजिस्टर
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घर या जमीन का प्रमाण पत्र
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1 जुलाई 1987 से पहले जारी कोई भी सरकारी पहचान पत्र या प्रमाण पत्र (सरकार, बैंक, पोस्ट ऑफिस, LIC या PSU द्वारा प्रमाणित)
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NRC दस्तावेज (बिहार में लागू नहीं, इसलिए जरूरी नहीं है।)

