PM मोदी पर विवादित कार्टून बनाने वाले को फटकार: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- लोग किसी को कुछ भी कह देते हैं; फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक
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इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय। फाइल फोटो
सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। दरअसल, हेमंत ने 2021 में PM मोदी और RSS पर विवादित कार्टून बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इस साल मई में इसे लेकर पहली बार शिकायत हुई। मामला हाईकोर्ट गया। कोर्ट ने हेमंत को राहत न देते हुए पुलिस को पूछताछ करने का निर्देश दिया। इसके बाद हेमंत सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत को राहत दी, लेकिन इसके साथ फटकार भी लगाई।
कोर्ट ने कहा- किसी को कुछ भी कह देना ठीक नहीं
जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने कहा कि अगर हेमंत आपत्तिजनक पोस्ट करना जारी रखते हैं तो उनके खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार एक्शन ले सकती है।
बेंच ने कार्टूनिस्ट को फटकार लगाते हुए कहा, 'हद है। लोग किसी को भी..कुछ भी कह देते हैं। लोग ये सब करके हीरो बनना चाहते हैं। हम इस केस में जो भी फैसला करें, लेकिन एक बात साफ है कि यहां अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग हुआ है।' सुप्रीम कोर्ट ने 15 अगस्त को सुनवाई की अगली डेट रखी है।
हाईकोर्ट से राहत देने से किया था इनकार
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS के कार्यकर्ताओं को लेकर हेमंत मालवीय ने 2021 में एक कार्टून बनाया था, जो अब जाकर वायरल हुआ। मई में इसे लेकर FIR दर्ज कराई गई थी। 3 जुलाई को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कार्टूनिस्ट को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
कोर्ट ने कहा था कि मालवीय ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाएं लांघी हैं। ऐसा लगता है कि उन्हें सीमाओं की जानकारी नहीं है। इसके बाद ही हेमंत ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

